जासं,बठिडा: बठिडा सैनिक छावनी स्थित आर्मी स्कूल की पूर्व प्रिसिपल व अकाउंटेंट के खिलाफ पुलिस ने 6.41 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के खाते से विभिन्न किश्तों में उक्त राशि निकलवाई और आगे अपने जानकार तीन लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी। स्कूल कमेटी ने जब स्कूल के लेन-देन का सालाना आडिट करवाया तो उक्त राशि का हिसाब नहीं मिल पाया। इसके बाद अकाउंटेंट और स्कूल प्रिसिपल से पूछताछ की तो वे कुछ भी नहीं बता पाए। इसके बाद जांच कमेटी गठित की गई, जिसने उक्त स्कूल की पूर्व प्रिसिपल व अकाउंटेंट के खिलाफ रिपोर्ट स्कूल कमेटी को सौंपी। कमेटी ने एसएसपी बठिडा को लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर जांच के बाद पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

थाना कैंट पुलिस के पास आर्मी स्कूल बठिडा की मौजूदा प्रिसिपल थर्मल कालोनी वासी सुखदीप कौर ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि वह जुलाई 2021 से आर्मी स्कूल में बतौर प्रिसिपल तैनात हैं। उनसे पहले अनीषा घुम्मन निवासी माडल टाउन आर्मी स्कूल की प्रिसिपल थी। आर्मी स्कूल में कोई भी विद्यार्थी दाखिला लेता है तो स्कूल की तरफ से कुछ रकम बतौर सिक्योरिटी जमा करवाई जाती है। यह राशि स्कूल के पीएनबी के कैंट स्थित बैंक के खाते में जमा करवाई जाती है। स्कूल से संबंधित लेन-देन का ज्यादातर खर्च इसी बैंक खाते के जरिए किया जाता है। इस बैंक खाते का पूरा हिसाब-किताब स्कूल के पूर्व अकाउंटेंट यशवीर शर्मा निवासी ग्रीन सिटी फेस टू की तरफ से रखा जाता था, लेकिन अक्टूबर 2020 में अकाउंटेंट यशवीर शर्मा ने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद साल 2021 में इस बैंक खाते का आडिट करवाया गया तो खाते में जमा करवाई गई रकम में से कुछ रकम कम पाई गई। इस संबंधी स्कूल से संबंधित फौज के सीनियर अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद एक जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच कमेटी ने पूरे मामले की जांच के बाद पाया कि स्कूल की पूर्व प्रिसिपल अनीशा घुम्मन व अकाउंटेंट यशवीर शर्मा ने मिलीभगत कर स्कूल के बैंक खाते में हेराफेरी कर बरजिदर सिंह के पीएनबी बैंक घोड़े वाला चौक बठिडा के खाते, कुलवंत कुमार के ओबीसी बैंक भीखी मानसा व सुखजिदर सिंह के एसबीआइ बरनाला रोड के बैंक खाते में विभिन्न चेकों के जरिए कुल छह लाख 41 हजार 167 रुपये ट्रांसफर किए हैं। जब स्कूल की अकाउंट लैजर चेक की गई तो पाया गया कि स्कूल की पूर्व प्रिसिपल व अकाउंटेंट ने उक्त आरोपितों को बच्चों के फर्जी अभिभावक बताकर उनके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए और स्कूल से धोखाधड़ी की। पूर्व प्रिंसिपल का तर्क, मेरे और चेयरमैन के हस्ताक्षर बिना नहीं निकाली जा सकती राशि उधर, स्कूल की पूर्व प्रिसिपल अनीशा घुम्मन ने बताया कि स्कूल का खाता कोई भी अकेले आपरेट नहंी कर सकता, क्योंकि इसके प्रिसिपल व स्कूल चेयरमैन के पास अधिकार थे। दोनों के दस्तखत किए बिना कोई भी राशि खाते से नहीं निकलवाई जा सकती थी। उनको स्कूल के अकांउटेंट पर पहले से ही शक था। उन्होंने स्कूल की मैनेजमेंट के भी ध्यान में लाया था, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब पिछले अक्टूबर माह में उसका कांट्रैक्ट रिन्यु होना था तो उन्होंने इसका विरोध भी किया। साफ कहा था कि अगर उसको रखते हैं इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। इसके बावयूद उसको रख लिया गया। इसके बाद उन्होंने ही स्पेशल आडिट के लिए अपील की। पहले तो नहीं माना गया लेकिन बाद में 26 फरवरी को इसकी मंजूरी दे दी गई। आडिट हुआ और उन्होंने आडिट में पूरा साथ भी दिया। जांच अप्रैल तक की जानी थी, लेकिन इसको अक्टूबर माह तक लटकाया गया ताकि तत्कालीन चेयरमैन का तबादला हो सके। मुझे अब इसमें जानबूझ कर फंसाया जा रहा है।

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