संवाद सूत्र, बरनाला : केंद्र सरकार द्वारा लागू किए तीन कृषि सुधार कानूनों को रद करवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग के समक्ष किसानों का धरना शुक्रवार को 191वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी तरह महलकलां टोल प्लाजा व बड़बर टोल प्लाजा पर किसान संगठनों द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ किया जा रहा रोष-प्रदर्शन जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए किसान बलवंत सिंह उप्पली, उजागर सिंह बेहला, गुरनाम सिंह ठीकरीवाला, बाबू सिंह, प्रेमपाल कौर, चरणजीत कौर, अमरजीत कौर, नछतर सिंह, मनजीत राज, गुरमेल शर्मा, केवल सिंह फरवाही, गोरा सिंह ने कहा कि विगत दिनों पंजाब के चार मंत्रियों की सरकारी खरीद पर लगाई गैर जरूरी शर्तों संबंधी केंद्रीय मंत्री से बैठक हुई थी। जिसमें केंद्र सरकार ने पूरी तरह न पक्षीय स्टैंड लिया है। जिसने साबित कर दिया है कि सरकार सरकारी खरीद बंद करने के लिए बहाने बना रही है। केंद्र सरकार ने फसल बेचने के लिए फर्द जमाबंदी पेश करने वाली शर्त को भी केवल 6 माह के लिए टाला है। सीधी अदायगी की शर्त का उद्देश्य भी मौजूदा प्रबंध को खत्म करके प्राईवेट मंडियां स्थापित करना है। एमएसपी जारी रहेगी का वादा महज टालमटोल की नीति है। काले खेती कानूनों का काला सच बेहद जल्द सबके सामने आ जाएगा। इसलिए सभी को इन काले कानूनों को रद्द करवाने के लिए अंत तक लड़ना होगा। करनैल कौर ने भावनात्मक गीत पेश किए। भोला सिंह, मुंशी खान, वजीर चंद, जगराज सिंह, नरिदरपाल सिगला ने कविताएं पेश की। माना पत्ती धनौला के निवासियों ने सुखजीत सिंह के सहयोग से ब्रेड-पकौडों का लंगर लगाया।

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