संजीव बिटटू, बरनाला :

हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर से चार आरोपितों द्वारा किए गए सामुहिक दुष्कर्म के बाद जिंदा जला कर हत्या करने जैसे जघंय अपराध से देश वासियों व महिलाओं में काफी रोष पाया जा रहा था। वीरवार को तेलंगाना पुलिस ने आरोपितों को पुलिस रिमांड के दौरान घटनास्थल पर रीक्रिएटिव सीन के दौरान पूछताछ में जब आरोपित भागने लगे तो पुलिस ने इन चारों आरोपितों गोली मार दी।

उक्त खबर जैसे सोशल मीडिया पर

वायरल हुई तो विभिन्न वर्गाें के बुद्धिजीवियों व आम लोगों ने तेलंगाना पुलिस व मुख्यमंत्री की प्रशंसा शुरू कर दी। शहर के गणमान्य मुनीश बांसल, राकेश कुमार, एडवोकेट दीपक जिंदल, ज्ञान चंद, संतोष कुमार आदि ने हैदराबाद में महिला डॉक्टर से हुए दुष्कर्म व हत्या मामले में आरोपितों का तेलंगाना की पुलिस द्वारा हुए एनकाउंटर में मारे जाने की घटना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जो नेता इस इनकाउंटर पर सवाल उठा रहे है, उनको लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। आरोपितों ने भागने की कोशिश की, परंतु पुलिस ने अपने बचाव में फायरिग कर दी। अगर आरोपित भाग जाते, तो सभी ने इस बात का आरोपित पुलिस को कहना था। तेलंगाना पुलिस से प्रेरणा लेकर अन्य राज्य की पुलिस को भी दुष्कर्म मामले में आरोपित व्यक्तियों को सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर सुखविदर सिंह भंडारी, बलजिदर सिंह, देव राज, सुनील कुमार, नंद किशोर आदि उपस्थित थे।

सजा तो मिलनी ही थी, ठीक हुआ : बत्ता

कांग्रेस नेता वरुण बत्ता ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का वह स्वागत करते हैं, क्योंकि आरोपितों को सजा तो मिलनी ही थी, फर्क इतना है कि उन्हें सजा जल्दी मिली। मौत ही सही सजा थी, मिल गई : बबीता

अग्रवाल महिला विग की प्रधान बबीता जिदल ने एनकाउंटर की प्रशंसा करते हुए कहा कि हर आरोपित को ऐसे ही सजा मिलनी चाहिए, ताकि महिलाएं समाज में आजादी से जी सकें। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में महिला डॉक्टर से हुई दरिदगी के आरोपितों को मौत ही चाहिए थी। फास्ट ट्रैक में हो रह सुनवाई : गिंदी

बार एसोसएशिन के प्रधान एडवोकेट गुरविदर सिंह गिदी ने कहा कि दुष्कर्म व हत्या के मामले जैसी घटनाओं में फास्ट ट्रैक अदालतों के द्वारा फैसला होना चाहिए, इसका समय तय होना चाहिए, आरोपितों को दो या तीन माह में फांसी की सजा होनी चाहिए, ताकि ऐसे क्राइम कम हो सकें। एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि जनवरी 2019 से लेकर नवंबर 2019 तक जिला बरनाला में दुष्कर्म के मामले में 34 केस दर्ज किए गए, जिनमें 42 आरोपितों पर केस दर्ज किया गया, जिनमें से 35 आरोपितों को गिरफतार कर लिया गया। अब अदालत में 23 केसों में चालान पेश किए जा चुके है। 9 केसों की तफतीश चल रही है व दो केस कैंसल कर दिए गए है।

Posted By: Jagran

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