संवाद सहयोगी, बरनाला

संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा तीन कृषि कानूनों को रद करवाने व एमएसपी की गारंटी देने वाला नया कानून बनाने की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन के पार्किंग में लगाया पक्का मोर्चा बुधवार को 245वें दिन भी जारी रहा।

धरने में किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान हरियाणा के टोहाना में किसानों पर हुए लाठीचार्ज व उनके खिलाफ दर्ज किए केसों की सख्त शब्दों में निदा करते हुए केस रद करने की मांग की।

धरने को संबोधित करते गुरदेव सिंह मांगेवाल, मनजीत राज, गुरमीत सुखपुर, बाबू सिंह खुड्डी कलां, नछतर सिंह, मिल्खा सिंह टेक्नीक्ल व मैकेनिकल यूनियन, गोरा सिंह ढिलवां, गुरनाम सिंह ठीकरीवाला, मेला सिंह कट्टू, बलजीत सिंह चौहानके, धर्मपाल कौर, जसपाल कौर ने कहा कि सरकारी अस्पतालों व सरकारी स्कूलों की हालत सबके सामने है। गांवों की डिस्पेंसरियों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। अस्पतालों में स्टाफ पूरा नहीं है। स्कूलों में जानबूझ कर अध्यापक भर्ती नहीं की जा रही जिस कारण लोगों को अपने बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिल करवाने पड़ रहे हैं।

सरकारी मंडियों का निजीकरण किया जा रहा है। पहले सरकारी मंडियों को कमजोर व प्राइवेट मंडियों को मजबूत किया जाएगा। फिर इन मंडियों की जरूरत न होने का कहकर सरकारी मंडियों को खत्म कर दिया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि पिछले वर्ष पांच जून को तीन बिल जारी करके सरकार ने खेती सेक्टर को कारपोरेटरों के हवाले कर दिया था। उसी दिन से किसानों का केंद्र सरकार के खेती कानूनों के खिलाफ संघर्ष जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह दिन संपूर्ण क्रांति दिवस के तौर पर मनाने का आह्वान किया है। पांच जून को भाजपा सांसदों व विधायकों के घरों के समक्ष काले कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। जहां भाजपा के सांसद या विधायक मौजूद नहीं वहां जिला अधिकारियों के दफ्तरों समक्ष रोष प्रदर्शन किए जाएंगे। जगदीश लद्दा, मनजोत कौर, जगरूप सिंह ने गीत सुनाए।

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