संवाद सूत्र, बरनाला : कंप्यूटर अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा अधिकारी से मिला। इसमें जिला महासचिव जतिदर कुमार व प्रदीप कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि कंप्यूटर अध्यापक शिक्षा विभाग के अधीन बनाई पिक्टस सोसायटी के अधीन सेवा निभा रहे हैं जोकि कक्षा छठी से 12वीं तक कंप्यूटर साइंस के विषय के अध्यापक हैं। कंप्यूटर अध्यापकों को अभी तक फ्रंट लाइन स्कीम के तहत 50 लाख रुपये का बीमा कवर नहीं दिया जाता, मेडिकल की सुविधा नहीं दी जाती व मौत के उपरांत लीगल डीसेंट नौकरी भी नहीं दी जाती। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर अध्यापकों की ड्यूटी कोरोना काल में पिछले वर्ष से ही विभिन्न अस्पतालों, आइसोलेशन सेंटरों, नाकों, तहसील, डीसी दफ्तर में लग रही हैं। उन्होने बताया कि अब तक लगभग 100 कंप्यूटर अध्यापकों की विभिन्न हालातों में मौत हो चुकी है कितु सरकार द्वारा उनको तरस के आधार पर नौकरी नहीं दी गई व न ही कोई वित्तीय सहायता दी गई है। कैंसर, दिल की बीमारी आदि से पीड़ित कंप्यूटर अध्यापकों को सरकार द्वार पिक्टस सोसायटी के मुलाजिम होने का बहाना बनाकर मेडिकल की सुविधा नहीं दी जा रही।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कंप्यूटर अध्यापकों को विश्वास दिलाया कि कंप्यूटर अध्यापकों की कोविड ड्यूटियों संबंधी विचार करके जल्द मामले का हल करवाया जाएगा क्योंकि इन्हें मेडिकल रीइनबर्सेमेंट व सरकारी मुलाजिमों की तरफ 50 लाख की बीमा सुविधा नहीं दी जा रही। इस मौके पर समूह कंप्यूटर अध्यापक हाजिर थे।

Edited By: Jagran