सोनू उप्पल, बरनाला : सड़क हादसों में हर दिन किसी न किसी बेकसूर की जान चली जाती है। इसके लिए कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पर हादसे अधिक होते हैं। इसकी वजह से कुछ जगहों के नाम भी इसी से जोड़कर रख दिए जाते हैं, इन जगहों पर धुंध के चलते हादसे और बढ़ जाते हैं।

जिला बरनाला में अगर ब्लैक सपोट की बात करें, जहां न तो ट्रैफिक सिग्नल, न स्पीड ब्रेकर, न डिवाइडर, ना रिफ्लेक्टर, ट्रैफिक सिग्नल, जरूरी दिशानिर्देश सूचना नहीं है। बरनाला लुधियाना रोड संघेडा चौक, सेखा चौक, टी प्वाइंट धनौला रोड, बरनाला बठिडा रोड, बरनाला बाजाखाना रोड जेल चौक, पक्खो कैचियां, जी माल, स्प्रिंग वैली पैलेस पर ब्लैक स्पोट बने हैं। परंतु इनको सुधारने के लिए न तो प्रशासन व न ही नेशनल हाईवे से लेकर पीडब्ल्यूडी तक कोई प्रयास नहीं करता।

बरनाला लुधियाना रोड पर सिगल रोड होने के प्रति वर्ष औसतन 17 लोगों को जान गंवानी पड़ती है। इनमें ज्यादातर दो पहिया वाहन, कार चालक व साइकिल सवार शामिल हैं, क्योंकि इस रोड पर आवागमन ज्यादा है। इन रोड पर चार जगहों पर ब्लैक स्पोट है। जिसमें पहला ब्लैक स्पोट आइटीआइ चौक है, जहां औसतन आम दिनों भी वाहनों का पलटना व हादसा आम बात है। इसी प्रकार सेखा चौक पर प्रबंधो के आभाव के कारण हादसे होते रहते है। बरनाला लुधियाना रोड ट्राईडेंट आरओबी की दोनों तरफ उतरने दौरान सड़क हादसा संभाविक है। क्योंकि ना तो ट्रैफिक सिग्नल, ना स्पीड ब्रेकर, ना डिवाइडर, ना रिफ्लेक्टर, ट्रैफिक सिग्नल, जरूरी दिशानिर्देश सूचना बोर्ड भी नहीं लगे हैं। इसके साथ संघेड़ा चौक सबसे बड़ा ब्लैक स्पोट है, जहां हर बार कई लोग जान गवा चुका है। इन रास्तों मे हर साल 15 से 20 लोग ब्लैक स्पोट का शिकार हो जाते है।

इसी तरह बरनाला बठिडा रोड पर वाइएस स्कूल समक्ष, घून्नस मोड नजदीक, मेहता को जाने वाले रास्ते से लेकर 20 किमी के रास्ते में 20 अवैध कट बनाए गए है, जहां दो पहिया वाहन चालकों की लापरवाही के कारण हादसा संभाविक है। जिसमें मौत का शिकार ज्यादातर दो पहिया वाहन चालक बनते है। इन रास्तो में सर्दी के दौरान 11 लोगों की जान जा चुकी है। जिसमें सड़क हादसा दो पहिया व चार पहिया की आपसी टक्कर से होता है।

बरनाला धनौला रोड पर टी प्वाइंट पर हर साल तेज रफ्तार व ट्रैफिक व्यवस्था की खामी के कारण 8 लोग अपनी गवा जाते है। परंतु फिर भी प्रशासन कोई सबक नहीं लेता है। इसी प्रकार जिला जेल बरनाला समक्ष वाहनों की गलत साइड के कारण हर साल छह लोगों को जान गवानी पड़ती है। परंतु लोगों द्वारा फिर भी सबक नहीं है। पक्खो कैचियां चौक पर प्रबंधो का आभाव ना तो ट्रैफिक सिग्नल, ना स्पीड ब्रेकर, ना डिवाइडर, ना रिफ्लेक्टर, ट्रैफिक सिग्नल, जरूरी दिशानिर्देश सूचना बोर्ड भी नहीं है। जिस कारण हर साल 9 लोग अपनी जान गवा जाते है।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप