जागरण संवाददाता, अमृतसर

नगर निगम के एमटीपी विभाग की कारगुजारी का आलम यह है कि चेयरमैन युनस कुमार द्वारा बार-बार निर्माणों की रिपोर्ट मांगे जाने के बावजूद अभी तक उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई गई है। आज चेयरमैन ने एमटीपी आईपीएस रंधावा सहित पांचों जोनों के एटीपीज और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को तलब करते हुए फटकार लगाई। उन्होंने 31 जनवरी तक जोन अनुसार निर्माणों का सारा ब्यौरा देने का लिखित में आश्वासन दिया और जानकारी न मुहैया करवाने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।

बताते चले कि एमटीपी विभाग के चेयरमैन युनस कुमार ने 8 जनवरी और 20 जनवरी को एमटीपी विभाग को पत्र लिखते हुए शहर की पांचों जोनों में चल रहे वैध और अवैध निर्माणों की सूची मांगी थी। सूची में उन्हें रिहायशी, कमर्शियल, होटल, कालोनी आदि की जानकारी देने को कहा गया था। आज भी बिल्डिंग इंस्पेक्टर अधूरे होमवर्क के साथ चेयरमैन की बैठक में पहुंचे। उन्होंने चेयरमैन के समक्ष 60 निर्माणों की सूची रखी तो चेयरमैन ने उनके आगे इन्हीं जोनों में चल रहे 150 निर्माणों की सूची रख दी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें निर्माण नहीं मिल रहे तो इससे मैच कर ले। उसके बाद भी अगर निर्माणों का मिलान न हुआ तो अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने दुख प्रगट किया कि बार बार मांगे जाने के बावजूद न तो निर्माणों की पूरी रिपोर्ट दी जा रही है ओर न ही आज तक फ‌र्स्ट इंफ्रमेशन रजिस्टर ही मेंटेन किया गया है। आज भी एफआइआर रजिस्टर अधूरा है। बैठक में एमटीपी आईपीएस रंधावा, एटीपी नरिदर शर्मा, कृष्णा, हरकिरन कौर, संजीव देवगन के अलावा सभी बिल्डिंग इंस्पेक्टर हाजिर थे। कॉलोनाइजरों को ढूंढ मामला दर्ज करवाएं

चेयरमैन अधिकारियों के ध्यान में लाए कि शहर में कई पुरानी कालोनियों हैं, जिनमें से कइयों ने रेगुलाइजेशन की दस फीसद फीस जमा करवाई है, जबकि कई पुरानी कालोनियों ने पार्ट पेमेंट जमा करवाने के बाद बकाया राशि जमा नहीं करवाई। कालोनियां बिक गई हैं और अब बकाये के लिए कॉलोनाइजर यह कहते हुए आनाकानी कर रहे हैं कि उन्होंने कालोनी नहीं बेची। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कालोनी में रहने वालों की रजिस्ट्रियां चेक करवाएं और पता करवाएं कि उन्होंने कालोनी किससे ली है। जिससे उन्होंने कॉलोनी में प्लाट लिए हैं, उस आधार पर कॉलोनी मालिकों पर मामला दर्ज करवाएं। कोट्स...

काम में ढील बर्दाश्त नहीं : युनस

एमटीपी विभाग के अधिकारियों से निर्माणों की सूची मांगी गई थी, पर दो पत्र लिखने के बाद भी वह इसे दे नहीं पाए। आज उन्हें अंतिम चेतावनी दे दी गई है। अवैध निर्माणों को लेकर किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं होगी। एफआईआर रजिस्ट्रर पूरा करने के अलावा डिफाल्टरों कालोनाइजरों पर कार्रवाई के लिए भी उन्हें कहा गया है।

—युनस कुमार, चेयरमैन एमटीपी विभाग कम डिप्टी मेयर। —विपिन कुमार राणा

Posted By: Jagran

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