जासं, तरनतारन : पंजाब में सत्ता परिवर्तन के बाद आटा-दाल योजना में हेराफेरी का आरोप लगाकर विजिलेंस की टीम की ओर से भिखीविंड की आटा चक्की से बरामद गेहूं अभी भी सिरदर्दी बना हुआ है।

विधानसभा हलका खेमकरण के कस्बा भिखीविंड निवासी काग्रेसी समर्थक सुरजीत सिंह की आटा चक्की पर विजिलेंस ने चेकिंग करते हुए तीस-तीस किलो के गेहूं के 1425 बैग जब्त किए थे। इस बाबत विजिलेंस ने आटा चक्की मालिक सुरजीत सिंह के खिलाफ केस दर्जा करके जाच को आगे चलाया तो ग्रामीणों ने विजिलेंस की कार्रवाई का विरोध करते आटा चक्की मालिक सुरजीत सिंह के पक्ष में उतरते दावा किया कि शिअद-भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभाग की ओर से उनके लिए जो गेहूं मुहैया करवाया जाता रहा, वह घटिया होने के बावजूद आटा चक्की मालिक उनको अच्छे ढंग से आटा तैयार करके देता रहा है। ग्रामीणों सुखवंत कौर, भजन कौर, हरजीत कौर, निरवैल सिंह, हरचंद सिंह, मिस्त्री नरिंदर सिंह, हरबंस कौर व कैलाश कौर ने कहा कि विभाग की ओर से पहले उनको जो गेहूं एक माह बाद दिया जाता था अब वह छह माह बाद दिया जाता है और यह गेहूं अपने घरो में संभालने की जगह ग्रामीणों ने खुद ही उक्त राशन का स्टॉक आटा चक्की पर जमा करवाया था। ग्रामीणों ने आटा चक्की मालिक सुरजीत सिंह पर गेहूं की कालाबाजरी के विजिलेंस द्वारा दर्ज किए मामले को झूठा करार देते एफआईआर रद्द करने की माग की। उधर, आटा चक्की मालिक सुरजीत सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसमें कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। विजिलेंस की ओर से आटा चक्की से बरामद गेहूं के खराब होने के अंदेशे के कारण एडिशनल सेशन जज सुमित भल्ला की अदालत से गेहूं की नीलामी के आदेश प्राप्त कर लिए। इन आदेशों के तहत 23 मई को विजिलेंस की टीम ने गेहूं की बोली करवाने लिए कार्रवाई शुरू की। पर मौके पर बोलिकार नहीं पहुंचे। दूसरी बार रखी बोली में विजिलेंस ने गेहूं का दाम 1425 रुपए क्विंटल कर दिया पर इस बार भी बोलीकार गेहूं की बोली में नहीं पहुंचे। विजिलेंस की डीएसपी कमलजीत कौर का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर गेहूं की निलामी करवाने के लिए भिखीविंड में टीम पहुंची थी परंतू बोलीकारों की कमी के कारण बोली नहीं हो सकी। अब दोबारा बोली का समय तय किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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