संस, अमृतसर: जिले में 15 अक्टूबर को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए दशहरा कमेटियों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार शहर में तीन स्थानों पर 100 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है। उसके साथ मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। वहीं कई दशहरा कमेटी ने कोरोना के कारण इस बार दशहरा पर पुतले न जलाने का निर्णय लिया है। कुछेक कमेटियां परंपरा निभाने के लिए छोटे पुतले जलाएंगी। वहीं कई संस्थाओं, गली मोहल्ले के लोगों द्वारा बाजार से एक से 50 फीट तक के रावण के पुतले खरीदे गए हैं जो शुक्रवार को दशहरा पर जलाए जाएंगे। लंगूर बने बच्चे रावण को तीर मारने की निभाएंगे परंपरा

श्री दुग्र्याणा कमेटी की ओर से दशहरा ग्राउंड मे रावण का पुतला 100 फीट, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला 90 फीट का बनाया गया है। कमेटी के प्रधान एडवोकेट रमेश शर्मा व महामंत्री अरुण खन्ना ने बताया कि दशहरा पर्व की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसमें उपमुख्यमंत्री ओमप्रकाश सोनी मुख्यातिथि होंगे। लंगूर बने बच्चे रावण को तीर मारने की परंपरा निभाने के लिए आएंगे। बजरंगी सेना व झांकियां भी दशहरा ग्राउंड में निकाली जाएंगी। दशहरा ग्राउंड में इस बार जगह कम होने से भीड़ को नियंत्रण करना प्रबंधक कमेटी तथा प्रशासन के लिए मुश्किल होगा। यहां पर भारतीय सेना की ओर से काफी जगह निर्माण करवा दिया गया है। दशहरा ग्राउंड में वर्ष 1939 से पुतला दहन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी सेठ राधा कृष्ण ने श्री दशहरा कमेटी बनाकर शुरू की थी। अनिल जोशी के हलके रंजीत एवेन्यू में भी सजेगा मंच

श्री दशहरा कमेटी नार्थ विधानसभा हलका के प्रमुख अनिल जोशी ने बताया कि रंजीत एवेन्यू में दशहरा पर्व मनाने के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। वहां बी मंच सज चुका है और इस बार रावण का 100 फीट, मेघनाद व कुंभकर्ण का पुतला 90 फीट का बनाया गया है। अमृतसर नार्थ दशहरा कमेटी के प्रमुख विधायक सुनील दत्ती ने कहा कि इस बार दशहरा पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। पंडित रमेश चंद्र शर्मा महाकाली मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्री महाकाली मंदिर परिसर में इस बार दशहरा पर सिर्फ रावण का 20 फीट का पुतला बनाया गया है। प्रधान रितेश कुमार शर्मा ने बताया कि कोविड को देखते हुए इस बार फिलहाल परंपरा निभाई जा रही है। कोविड के कारण ये कमेटियां इस बार नहीं मना रहीं दशहरा

श्री दशहरा कमेटी शर्मा कालोनी के प्रधान हरिदेव शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था इस बार दशहरा नहीं मनाएगी। यह फैसला कोरोना व डेंगू की बीमारी के कारण लिया गया है। इसके अलावा पिछले काफी वर्षो से दशहरा पर्व मनाने वाली श्री मां भद्रकाली दशहरा ग्राउंड के प्रवक्ता वरिदर सहदेव ने कहा कि वह भी कोरोना के कारण इस बार दशहरा नहीं मना जा रहा। न्यू माडल टाउन दशहरा कमेटी घन्नुपुर काले खंडवाला वाला के प्रधान नंबरदार राजकुमार ने बताया कि इस बार दशहरा पर्व नहीं मना रहे। जिस जगह पर वह दशहरा मनाते हैं वहां अब दीवार बन चुकी है। इस कारण जगह नहीं है। वह पिछले 15 वर्ष से दशहरा मना रहे थे। पंच रतन कृष्णा मंदिर छेहरटा भी इस बार दशहरा नहीं मना रहे। मंदिर के पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि कोविड-19 के कारण दशहरा नहीं मनाया जा रहा। बाजार में 300 से 10 हजार रुपये तक बिक रहे पुतले

लोहगढ़ में पुतला बनाने वाले कारीगर विनोद कुमार ने बताया कि कुछेक बड़ी संस्थाओं ने बड़े पुतले बनवाए हैं। बाजार में एक से 25 फीट तक के पुतले बनाए हैं जोकि गली मोहल्लों व संस्थाओं के लोग खरीदते हैं। काफी पुतले शुक्रवार को बिकेंगे। इस बार पुतले पर महंगाई की मार पड़ी है। पर वह ज्यादा पैसे नहीं ले रहे। मेहनत ज्यादा लगी है, कमाई कम है। बाजार में छोटे पुतले 300 से दस हजार रुपये तक बिक रहे हैं।

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