जागरण संवाददाता, अमृतसर

भारतीय संचार निगम लिमिटेड की तरफ से उपभोक्ताओं को कार्यालयों में ठंडा पेयजल, पब्लिक टॉयलेट आदि की सहूलियत मुहैया करवाई गई है। जबकि शहर के विभिन्न हिस्सों में बीएसएनएल के अधिकतर कार्यालयों के पब्लिक टॉयलेटों पर स्टाफ ने ही कब्जा कर रखा है। एलबर्ट रोड स्थित कस्टमर सर्विस सेंटर (सीएससी) भी अछूता नहीं है। सीएससी स्थित महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग दो पब्लिक टॉयलेट बने हुए हैं। दोनों ही टायलेटों की सुबह-सवेरे साफ-सफाई करवाकर सीएससी के कर्मचारी ताले लगवा देते हैं। जबकि उपभोक्ताओं को इनकी जरूरत पड़ने पर दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बंद टॉयलेट देख भड़कते हैं उपभोक्ता विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीएससी के पब्लिक टॉयलेटों को बंद देखकर उपभोक्ता भड़क उठते हैं। क्योंकि सीएससी के कर्मचारी टॉयलेटों को ताले लगवाकर चाबियां अपने कब्जे में लेकर कार्यालय में एक कोने पर रख देते हैं। जब उपभोक्ताओं को टॉयलेट को लॉक देखते है तो विभागीय कार्यप्रणाली को कोसते हुए बाहर निकल जाते हैं। कभी-कभी तो उपभोक्ताओं को सीएससी के आसपास लगते संस्थानों में टॉयलेट के लिए जाना पड़ता है। टॉयलेट पर ताला लगा होने से महिला उपभोक्ताओं को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यही नहीं हिचकिचाहट महसूस करते हुए कुछ लोग तो सीएससी के स्टाफ सदस्यों से इस संबंध में शिकायत भी करते हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं होती। ऐसा गलत है, टॉयलेट्स पर लगे ताले खुलवाएंगे: डीजीएम बीएसएनएल के डिप्टी जरनल मैनेजर (डीजीएम) जसबीर सिंह का कहना है कि विभाग द्वारा बनाए गए टॉयलेटों को ताला लगाकर रखना बिल्कुल गलत है। सीएससी के टायलेटों को बंद न करने के लिए संबंधित स्टाफ सदस्यों से बातचीत करेंगे, ताकि उपभोक्ताओं की समस्या का हल निकाला जा सके।

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Posted By: Jagran