कमल कोहली, अमृतसर

लोगों की आस्था का केंद्र सिद्ध पीठ माता लाल देवी भवन समाज में शिक्षा का खजाना देकर होनहार विद्यार्थियों को जीविका कमाने के समक्ष बना रहा है। माडल टाउन में स्थित सिद्ध पीठ माता लाल देवी भवन के प्रबंधों को चलाने के लिए बना ट्रस्ट समाज में जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा देने की अहम भूमिका निभा रहा है। जरूरतमंद परिवारों के होनहार बच्चे जोकि एजुकेशन अथवा वोकेशनल कोर्स करते हैं, उनकी फीस ट्रस्ट अदा करता है। अब तक कई विद्यार्थी इस ट्रस्ट से मां का आशीर्वाद प्राप्त करके आजीविका कमाने के समर्थ बन चुके हैं। ट्रस्ट सारी राशि उस संस्था को देता है जोकि विद्यार्थी को शिक्षा प्रदान करती है।

इसके अलावा कई स्कूलों में जरूरतमंद परिवारों को किताबें, कापियां स्टेशनरी का सामान भी लेकर दिया जाता है। ट्रस्ट द्वारा ऐसे मरीजों की सहायता भी की जाती है जोकि आर्थिक तौर पर कमजोर होते हैं। उस मरीज के अस्पताल का खर्चा ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया जाता है। ट्रस्ट द्वारा चैरिटेबल डिस्पेंसरी भी बनाई हुई है, जहां पर लोगों को दवाइयां व अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। ट्रस्ट द्वारा हरिद्वार में माता लाल देवी गुफा वाला मंदिर भी बनाया हुआ है। इसमें श्रद्धालुओं के रहने के लिए 100 से अधिक कमरे भी बनाए हुए हैं। इसके अलावा एक हाल भी बना हुआ है जिसमें धार्मिक समागम किए जाते हैं। चितपूर्णी में भक्तजनों के रहने के लिए सराय बनाई हुई है। वृंदावन में भी 50 कमरों की एक धर्मशाला का निर्माण किया हुआ है। दिल्ली में रोहिणी में माता लाल भवानी का मंदिर बनाया हुआ है तथा वहां एक हाल भी बनाया हुआ है। जहां पर वर्तमान लोग कोई भी समागम करवा सकते हैं।

इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से श्री राम तीर्थ में दो मंदिर बनाए गए हैं जहां पर धार्मिक समारोह का प्रवाह होता है। ट्रस्ट के प्रधान विजय कुमार शर्मा ने कहा कि माता लाल देवी भवन एक ऐसा मंदिर है जिसमें पूरे भारत के मंदिरों के दर्शनों की झलक दिखाई देती है। इस मंदिर में श्री वैष्णो देवी की तर्ज पर श्री वैष्णो देवी गुफा के निर्माण कराया गया है। देश विदेश से भक्त इस मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं। यहां पर भक्तजनों को फूलों फूलों का प्रसाद मिलता है, जिसे भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। भक्तजनों के सहयोग द्वारा ही समाज सेवा के कार्य किए जाते हैं। माता लाल भवानी का यही स्वपन था कि समाज में समानता का वातावरण बने तथा तथा जरूरतमंद परिवारों के बच्चे शिक्षा का खजाना लेकर आजीविका कमा सकें।

Edited By: Jagran