जागरण संवाददाता, अमृतसर

रेलवे की ओर से शताब्दी ट्रेन में यात्रियों को पीने के लिए दी जाने वाली पानी की बोलतों पर श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर लगे होने का मामला सामने आने पर एसजीपीसी ने कड़ा एतराज जताया है। इसके बाद रेल के उच्च अधिकारियों ने इस बोतलों को तुरंत हटाने के आदेश दे दिए हैं। एसजीपीसी ने दावा किया कि आपत्ति जताने के बाद रेल अधिकारियों को अपनी गलती का आभास हुआ और उन्होंने पानी की बोतलों से स्टीकर उतारने का भरोसा दिया है।

सूचना मिलने के बाद एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप ¨सह ने श्री हरिमंदिर साहिब के उप मैनेजर जसपाल ¨सह और सूचना अधिकारी अमृतपाल ¨सह को रेलवे के अमृतसर स्थित मुख्य कार्यालय भेजा गया। इस अधिकारियों ने रेल अधिकारियों को बताया कि इस संबंधी सोशल मीडिया पर बोतलों की तस्वीरें व वीडियो वायरल हुई हैं। उसी वक्त अधिकारियों ने इस की जांच की और बोतलें और उनपर लगे स्टीकर को हटाने का आश्वासन दिया।

एसजीपीसी के प्रवक्ता डॉ. दिलजीत ¨सह बेदी ने बताया कि रेलवे ने इस को अनजाने में हुई भूल बताया है और भविष्य में ऐसा न होने का आश्वासन दिया है। इस मामले को लेकर रेलवे के लिए कैट¨रग टूरिजम कारपोरेशन के मुखी मनी आनंद विभाग के संबंधित अधिकारियों को बोतलों पर से श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर हटाने के आदेश दे दिए हैं।

एसजीपीसी के अध्यक्ष गो¨बद ¨सह लोंगोवाल ने भी रेल मंत्री से मांग की है कि इन बोतलों का किसी भी तरह कही भी उपयोग किया जाना पूरी तरह बैन किया जाए। उन्होंने व्यापारिक कंपनियों से भी अपील की है कि वह भी किसी व्यापारिक वस्तु के उपर श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीरें प्रकाशित न करें।

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