जागरण संवाददाता, अमृतसर: कैंटोनमेंट थाने की पुलिस ने आरटीआइ एक्टिविस्ट वरुण सरीन को एफआइआर दर्ज होने के चार महीने बाद गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले में धाराएं जमानत योग्य होने के बावजूद उसे जमानत बांड भरने के बाद तुरंत रिहा कर दिया गया। मामला निगम की धमकी देकर इमारत का लैंटर गिराने की धमकी देकर पांच लाख रुपये वसूल करने के प्रयास का है। मामले में पुलिस आरोपित वरुण सरीन के चार अज्ञात साथियों की पहचान घटना के चार महीने के बाद भी नहीं कर पाई है। उधर शिकायतकर्ता संतोख सिंह पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक बार भी उन्हें चार आरोपितों की पहचान के लिए थाने नहीं बुलाया और ना ही उनकी एफआइआर में अपराध के मुताबिक धाराएं लगाई गई हैं। यह है मामला

फ्रेंड व्यू कालोनी निवासी संतोख सिंह ने कैंटोनमेंट थाने की पुलिस को 7 जनवरी 2021 को बताया था कि वह चावल के व्यापारी हैं। उन्होंने घटना से कुछ दिन पहले अपने घर के पास एक प्लाट खरीदा था और वह उसपर एक बिल्डिग का निर्माण कर रहे थे। इस बात का पता चल वरुण को लगा तो उसने उन्हें फोन पर धमकाना शुरू किया और पांच लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी थी। आरोपित ने उन्हें बताया कि अगर उन्होंने उक्त राशि का भुगतान नहीं किया तो उसकी नगर निगम के अफसरों से अच्छी पहचान है और वह उसकी इमारत ढहा देगा। घटना वाले दिन आरोपित अपने चार साथियों के साथ उनकी इमारत में घुस आया और पांच लाख की मांग करने लगा। जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही तो उसने उनकी पत्नी, उनके (संतोख सिंह) और मजदूरों के साथ मारपीट की और फरार हो गया। कैंटोनमेंट थाने की पुलिस ने घटना के बाद वरुण सरीन और उसके चार साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।