कमल कोहली, अमृतसर

शहर की सबसे बड़ी दाना मंडी भगतावांला में किसानों द्वारा धान लेकर आने का सिलसिला तेज हो गया हैं। मंडी में हालात ऐसे बने हुए हैं कि एक ट्रैक्टर निकालने के लिए किसानों को कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है।

धान साफ करने और बोरियों में भरने का काम मंडी में तेजी से चल रहा है। लेकिन सरकारी खरीद न होने कारण किसानों को प्राइवेट एजेंसियों को धान बेचने पर विवश होना पड़ रहा हैं। किसानों को परमल 1650 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल तथा बासमती 1750 से लेकर 1900 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचनी पड़ रही हैं। किसानों को पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल 500 से लेकर 900 रुपये कम कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है।

मंडी में कोरोना वायरस का भय दिखाई नहीं दे रहा है। भीड़ इतनी है कि मंडी से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। मंडी में इस समय एफसीआइ, पनग्रेन, पनसप, मार्कफेड, वेयर हाउस सरकारी एजेंसियां धान की खरीद के लिए हैं पर सोमवार को सरकारी एजेंसियों का कोई भी अधिकारी खरीद करने के लिए नहीं पहुंचा। यह बात सामने आई है कि एक अक्टूबर को धान खरीदने का सिलसिला शुरू किया जाएगा।

दाना मंडी में आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरिदर बहल ने बताया कि मंडी में अभी प्राइवेट एजेंसियां ही धान की खरीद कर रही हैं। मंडी में धान की आमद तेजी से हो रही है। मंडी में अब तक सरकारी खरीद शुरू नही हुई है। ट्रैफिक की समस्या गंभीर बनी हुई है।

प्राइवेट एजेंसियों ने की खरीद

जिला मार्केट कमेटी के सचिव अमनदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को मंडी में 3400 क्विंटल परमल व 413280 क्विंटल बासमती की फसल की प्राइवेट एजेंसियों ने खरीद की है। मंगलवार से सरकारी खरीद शुरू होने की संभावना है। मंडी में किसानों की सुविधा के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं।

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