अमृतसर [जेएनएन/एएनआइ]। Beating retreat ceremony: गणतंत्र दिवस पर अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी के दौरान जनसैैैैैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय सीमा में भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे गूंजने लगे। भारत-पाक सीमा पर होने वाली इस खास रिट्रीट सेरेमनी को देखने देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। देशभक्ति के उद्घोषों के बीच लोग अपने हाथों में तिरंगा फहराते हुए हिंदुस्तान जिंदाबाद और वंदेमातरम् का घोष कर रहे थे।

दर्शकों की उत्साह के देखते हुए जवानोंं का उत्साह भी दोगुना हो गया। जवानोंं ने अपने कदमताल से पाकिस्तानी जवानों को ललकारा। जवानों ने राष्ट्रीय ध्वज को ससम्मान उतारा। इस दौरान बल के जांबाजों की परेड देख सैलानियों ने भारत माता का जयघोष किया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के गानों पर रंगारंंग कार्यक्रम पेश किए। 

आधिकारिक तौर पर Beating retreat ceremony का उद्देश्य औपचारिक रूप से रात के लिए सीमा को बंद करना और राष्ट्रीय ध्वज को नीचे उतारना है, लेकिन इस दौरान जवान देशभक्ति का परिचय देते हुए एक-दूसरे के अपनी भाव भंगिमाओं के जरिये ललकारते हैं। सेरेमनी के समय बॉर्डर एक युद्ध के मैदान की तरह दिखा।भारतीय सीमा की तरफ जोश और जुनून दिखा। मार्चिंग के दौरान भारत और पाकिस्तान के सैनिक अपने पैरों को एक-दूसरे के सिर से ऊपर तक उठाते दिखे। रिट्रीट सेरेमनी भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा आयोजित की जाती है। इसका आयोजन सन् 1959 से शुरू हुआ था।

इससे पूर्व, रविवार सुबह 71वें गणतंत्र दिवस पर भारत-पाक सीमा अटारी पर बीएसएफ के कमांडेंट मुकंद कुमार झा ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं दी और गणतंत्र दिवस की बधाई दी। इस दौरान जवानों को मिठाई बांटी गई। वहीं, भारत-पाक के बीच तल्ख रिश्तों के कारण आज बीएसएफ ने पाक रेंजर्स को मिठाई नहीं दी। 

सुरक्षा रही कड़ी

गणतंत्र दिवस के मद्देनजर अटारी वाघा सीमा पर सुरक्षा कड़ी रही। बाहर से आने वाले लोगों पर विशेष निगाह रखी गई। सीमा से कुछ दूरी पर कड़ी जांच के बाद ही लोगों को कार्यक्रम में आने की इजाजत दी गई। 

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