ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप बरामद, अमृतसर से 2 तस्कर गिरफ्तार; विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे
काउंटर इंटेलिजेंस ने अमृतसर में हथियार तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। 10 विदेशी पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद हुए। जांच सीमा पार नेटवर्क तक पहुंच रही है।

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HighLights
अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस ने हथियार तस्करों को पकड़ा।
दो आरोपियों से 10 विदेशी पिस्टल, कारतूस बरामद।
हथियारों की खेप ड्रोन से सीमा पार से आई थी।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। काउंटर इंटेलिजेंस की अमृतसर टीम ने हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 विदेशी पिस्टल, 10 मैगजीन और 9 एमएम के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में थे।
आरोपी सीमा पार से हथियारों की खेप मंगवाकर पंजाब में आगे सप्लाई करने का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान हथियारों की तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि बरामद हथियार कुछ दिन पहले ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में गिराए गए थे। इसके बाद इन हथियारों को एकत्र कर आगे पहुंचाने की तैयारी थी।
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सीमा पार से ड्रोन के जरिए आई हथियारों की खेप
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की खेप सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में पहुंचाई गई थी। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे विदेश में बैठे हैंडलर की भूमिका थी। उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के माध्यम से हथियार पंजाब में पहुंचाए जा रहे थे।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार किस स्थान पर गिराए गए थे और आरोपितों ने उन्हें वहां से कैसे हासिल किया। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियारों की खेप आगे किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
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पंजाब में आगे सप्लाई करने की थी तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपितों का उद्देश्य हथियारों को पंजाब में अन्य लोगों तक पहुंचाना था। पुलिस अब गिरोह के आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि हथियारों की तस्करी का यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
जांच में विदेशी हैंडलर, सीमा पार हथियार भेजने वालों और पंजाब में खेप हासिल करने वाले लोगों के बीच संपर्क की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकेगा।
