जेएनएन, अमृतसर। गत वर्ष दशहरे के दिन अमृतसर के जोड़ा फाटक पर हुए रेल हादसे में अपनों को गंंवा चुके परिवारों ने शनिवार को नवजोत सिंह सिद्धू के आवास के बाहर धरना दिया। परिवारोंं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने रेल हादसे की जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 

परिजनों ने कहा कि हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक यह वादा पूरा नहीं किया गया है। परिजनों ने कहा कि सिद्धू भले ही कैबिनेट मंत्री का पद छो़ड़ चुके हैं, लेकिन वह पीड़ित परिवारों के बीच आकर उनका हाथ थाम सकते हैं। पीड़ित परिवारों ने कहा कि वह जोड़ा फाटक ट्रैक पर जल्द ही धरना देंगे। 

बता दें कि अमृतसर के जोड़ा फाटक पर 19 अक्टूबर 2018 को रेलवे ट्रैक के पास रावण का पुतला दहन देखने के दौरान जालंधर से आ रही ट्रेन से कटकर 60 लोगों की मौत हो गई थी। रेलवे ने तब कहा था कि उसे आयोजन के बारे में पहले से नहीं बताया गया था। उसने दर्शकों के रेलवे ट्रेक पर जाने को भी अतिक्रमण करार दिया था। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भी यही बात दोहराई थी।

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