जासं, अमृतसर : प्रदेश के ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिदर राजा वड़िग चाहे पंजाब में भ्रष्टाचार खत्म करने के दावे कर रहे है, लेकिन सच्चाई इससे दूर है। ग्वाल मंडी स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में चालान विडों पर भ्रष्टाचार चरम पर है। इस विडों पर विभाग की तरफ से तैनात किए गए क्लर्क एचएएस रंधावा को तैनात किया गया है, लेकिन वह अपने साथ चार प्राइवेट कारिदों को भी साथ लेकर काम करते हुए साफ नजर आ जाएंगे। इतना ही नही प्राइवेट कारिदे सरकारी विडों पर भी बैठते हैं। हैरानी की बात है कि इन लोगों को कोई यहां से हटाने की हिम्मत तक नहीं कर रहा है।

दीपक छेहरटा, मनी और चेतन है बड़े एजेंट, इनके हाथ में रहता है सरकारी रिकार्ड

ग्वाल मंडी स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के दफ्तर में बड़ा गोलमाल चल रहा है। दीपक छेहरटा, मनप्रीत सिंह मनी और चेतन बड़े एजेंट हैं, जो अक्सर ही इस विडो पर सरकारी क्लर्क के साथ बैठकर काम करते हैं। हालात यह हैं कि क्लर्क इन्हें हटाने की कोई हिम्मत नहीं करता और नतीजतन इन लोगों के हाथ में सरकारी रिकार्ड भी है। लोगों से कम पैसे के रूप में यह लोग चालान लेते हैं और उन्हें सरकारी रिकार्ड से ही चालान निकालकर देते हैं।

ट्रैक पर भी इन लोगों ने संभाला डेरा

चालान विडो में लोगों के चालान निकलवाने के साथ-साथ इन लोगों ने किला गोबिदगढ़ के नजदीक स्थित आटोमेटेड ड्राइविग टेस्ट ट्रैक पर भी डेरा डाल लिया है। दिन में ड्यूटी के समय कुछ समय निकालकर यहां पर भी यह लोग देखे जा सकते हैं। यहां भी सरकारी सीट पर बैठकर काम करते हैं। यहां भी ट्रैक इंचार्ज के साथ-साथ स्मार्ट चिप कंपनी के मुलाजिमों की भी इन लोगों के साथ मिलीभगत हैं। यहां भी प्राइवेट मुलाजिम टू-व्हीलर और फोर व्हीलर चलाकर लोगों के टैस्ट कर रहे है।

चालानों का आज तक नहीं हुआ आडिट

ट्रैफिक पुलिस की तरफ से रोजाना ही सैकड़ों चालान काट जा रहे हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट विभाग में जब यह जमा करवाए जाते हैं तो इनका कोई रिकार्ड तक नहीं रहता। अगर कोई चालान लेने भी आते हैं तो उसका भी कोई रिकार्ड नहीं रहता। इतना ही नहीं आज तक विभाग की तरफ से इसका कोई आडिट तक नहीं किया गया। इसके अलावा इनका कोई आनलाइन रिकार्ड भी नहीं है। ट्रांसपोर्ट विभाग हर काम आनलाइन करने का दावा कर रहा है।

चालान विंडो पर कोई और नहीं बैठता : क्लर्क

चालान विंडो पर तैनात क्लर्क एचएस रंधावा का कहना है कि कभी-कभार कुछ लोग ऐसे लोगों के चालान ले आते हैं जो दफ्तर नहीं आ पाते। उसके बदले में यह लोग उनसे 100-100 रुपये ले लेते हैं। उनका कहना था कि चालान विंडो पर कोई नहीं बैठता, वह खुद ही वहा रहते हैं। खुद चेकिग करके उचित कार्रवाई करेंगे : आरटीए सेक्रेटरी

आरटीए सेक्रेटरी अर्शदीप सिंह लुबाना का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से चुनाव से संबंधी बैठकों में व्यस्त हैं। वह इसे खुद देखेंगे और उन्हें कुछ भी ऐसा नजर आया तो किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। उन पर उचित कार्रवाई करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस समय लोगों की मुश्किलों को लेकर काफी गंभीर है।

Edited By: Jagran