जागरण संवाददाता, अमृतसर

दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन ¨सह और श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख ¨सह गुरु की गोलक पर बोझ बन गए हैं। इस को खत्म करने के लिए इन दोनों को या तो खुद पदों से त्यागपत्र दे देना चाहिए या फिर संगत को दबाव बनाना चाहिए कि एसजीपीसी इन को पदों से हटा दे।

सरना ने कहा दोनों जत्थेदार वेतन गुरु की गोलक से ले रहे हैं और नौकरी बादल परिवार की कर रहे हैं। जो कि गुरु की गोलक पर भारी बोझ है। आज तक की जो भी विभिन्न घटनाएं सामने आई हैं उन से साबित होता है कि दोनों जत्थेदारों से बादल परिवार की सत्ता की कुर्सी बचाने के लिए ही नौकरी की है। जबकि इन जत्थेदारों की मुख्य जिम्मेवारी संगत के सेवादारी करनी थी।

उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने ज्ञानी गुरमुख ¨सह की सेवा के लिए तीन सेवादार दिए हुए हैं। पंजाब पुलिस के दो कर्मी उनकी सुरक्षा के लिए तैनात हैं। इन को अति आधुनिक सुविधाओं वाली रिहायश, बिजली पानी, लंगर व राशन रसद के अलावा इधर उधर जाने के लिए गाड़ियों की सुविधाएं दी गई है। इन के घरों में 24 घंटे 4 से लेकर 6 एसी चलते रहे हैं। वहीं मोटी भेटा अलग से ली जाती हैं। आज संगत इन को पदों से हटाने की मांग कर रही है। इस लिए इन को पद से हटाया जाना जरूरी हो गया है।

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