जासं, अमृतसर : जनसंघ के दूसरे अध्यक्ष रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा कार्यालय खन्ना स्मारक में राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने उन्हें पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होंने कहा कि पंडित जी अपने विशिष्ट लेखन और विचारों से जनसंघ को नई ऊंचाइयां दी। पंडित दीन दयाल उपाध्याय का आज जन्मदिवस अमृतसर में मनाया जा रहा है। इसी दिन उनकी याद में अंत्योदय दिवस भी मनाया जाता है। कालेज के दिनों में ही उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से परिचय हुआ और उसके संस्थापक हेडगेवार से निरंतर बौद्धिक परिचर्चाएं होने लगी। 1942 तक वे स्वयं सेवक संघ के लिए पूर्णकालिक कार्य करने लगे और जल्दी ही प्रचारक बनकर आदर्श स्वयंसेवक के तौर पर पहचाने जाने लगे थे।

मलिक ने बताया कि पंडित दीन दयाल का मानना था कि भारत के स्वदेशी आर्थिक विकास के लिए बहुत जरूरी है कि उसके केंद्र में मानव को रखा जाए। यह विचारधारा समाजवाद और पूंजीवाद दोनों से ही हटकर थी।

इस अवसर पर सुभाष शर्मा, राजेश हनी, राकेश शर्मा, राजेश कंधारी, हरविद्र सिंह संधू, संजीव खन्ना, डा. राम चावला, गौतम अरोड़ा, अलका शर्मा, राजीव शर्मा, सर्बजीत शंटी, चरणजीत चन्नी, मोनू महाजन उपस्थित थे।

भाजपा पंजाब के सचिव राजेश हनी ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय से देश और युवा प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने भारत को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए। उनके द्वारा दिखाया गया रास्ता हमें आत्मविश्वास दिलाता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आरएसएस के प्रचारक व जनसंघ के सहसंस्थापक थे। ओबीसी मोर्चा के जिला कैशियर बलविदर सिंह ने कहा कि उन्होंने श्यामाप्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सहयोग से जनसंघ की स्थापना की, जिसका बाद में जनता पार्टी में विलय हो गया।

Edited By: Jagran