जासं, अमृतसर: कोरोना वायरस का प्रभाव क्षीण पड़ चुका है। जिले में प्रतिदिन औसतन पांच से कम मरीज ही रिपोर्ट हो रहे हैं। दूसरी लहर समाप्ति की ओर है, पर तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आक्सीजन का संकट पूरे देश में पैदा हो गया था। शहर के एक निजी अस्पताल में छह मरीजों ने आक्सीजन की कमी के चलते तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। अब तीसरी लहर की संभावना है। ऐसे में विभाग इससे पहले ही एक के बाद एक तैयारियां कर रहा है। आक्सीजन की आपूर्ति के मामले में स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

दरअसल, तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की संभावना के मद्देनजर जिले के 40 निजी अस्पतालों में भी पीडियाट्रिक वार्ड स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन अस्पतालों में आक्सीजन आडिट कमेटी बनाने को भी कहा गया है। यह कमेटी आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इस कमेटी की कार्यप्रणाली की जांच के लिए सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने सरकारी डाक्टरों पर आधारित पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी प्रतिदिन अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। डा. चरणजीत ने बताया कि डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा. गुरमीत कौर के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी हर अस्पताल की मानिटरिग करेगी। तीसरी लहर को देखते हुए सरकारी एवं निजी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। लोग नियमों का पालन करते रहें, ताकि तीसरी लहर का दंश न झेलना पड़े।

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