जागरण संवाददाता, अजनाला अमृतसर : स्वास्थ्य विभाग ने अजनाला स्थित निज्जर स्कैन सेंटर में लिग निर्धारण टेस्ट का भंडाफोड़ किया है। इस सेंटर में लंबे समय से लिग निर्धारण टेस्ट किया जा रहा था। मंगलवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय टीम ने पुलिस के साथ यहां छापामारी कर डॉक्टर को लिग निर्धारण टेस्ट करते रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने डॉक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड मशीन सहित सेंटर को सील कर दिया है।

सिविल सर्जन डॉ. हरदीप सिंह घई ने बताया कि निज्जर स्केन सेंटर के संबंध में शिकायतें थीं कि यहां लिग निर्धारण टेस्ट कर बताया जाता है कि कोख में बेटा है या बेटी। इन शिकायतों के आधार पर हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर कार्रवाई की आज्ञा मांगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पीड नेटवर्क चंडीगढ़ सरकारी एजेंसी को इस काम का दायित्व सौंपा। छापामारी के लिए जालंधर से जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. सुरिदर कुमार, फरीदकोट से जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. सतनाम सिंह व अजनाला सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. आलोक नारायण पर आधारित टीम ने दल—बल के साथ अजनाला में ट्रैप लगाया।

असल में कुछ दिन पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग ने एक गर्भवती महिला को अपना सूत्र बनाकर इस सेंटर का भंडाफोड़ करने की रूपरेखा तय कर ली थी। यह महिला निरवैर सिंह नामक एक दलाल के संपर्क में थी। निरवैर सिंह अजनाला में ही बाबा दीप सिंह अस्पताल चलाता है। उसने महिला से कहा कि वह उसका लिग निर्धारण टेस्ट करवा देगा। मंगलवार को दलाल इस महिला को लेकर उक्त सेंटर में आया। लिग निर्धारण टेस्ट की एवज में महिला से 33000 रुपये लिए गए। महिला टेस्ट करवाने के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर से बाहर निकली और टीम को इशारा कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेड कर दी। सेंटर में डॉ. कंवर जतिदर पाल सिंह, दो दलाल गुरप्रीत सिंह गोपी व निरवैल सिंह बैठे थे। सोनोलॉजिस्ट डॉ. कंवर जतिदर पाल सिंह से महिला से लिए गए 33000 रुपये बरामद किए गए। इनके सीरियल नंबर पहले से ही स्वास्थ्य विभाग के पास नोट थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। दलाल निरवैर सिंह उन्हें चकमा देकर वहां से भाग गया। इस सेंटर का मालिक जंग बहादुर है। उसके खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया है।

डॉ. घई ने बताया कि हमें संदेह है कि अजनाला की डेरा बाबा नानक रोड पर चल रहे इस सेंटर पर लिग निर्धारण टेस्ट के बाद भ्रूण हत्या भी हो रही थी। स्पीड नेटवर्क चंडीगढ़ के डायरेक्टर रमेश चंद ने बताया कि भ्रूण हत्या के खिलाफ उनकी एजेंसी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है। पंजाब में कई स्थानों पर छापामारी कर ऐसे सेंटरों के भंडाफोड़ किए गए हैं।

दलाल के अस्पताल में भी रेड

दलाल निरवैल सिंह के अजनाला स्थित बाबा दीप सिंह अस्पताल में भी स्वास्थ्य विभाग ने रेड की। विभाग को शंका थी कि निरवैर सिंह इस अस्पताल में भ्रूण हत्या करता है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर की जांच की गई। हालांकि इस दौरान कोई ऐसा औजार व दवाएं नहीं मिलीं जिससे यह साबित होता हो कि बाबा दीप सिंह अस्पताल में भ्रूण हत्या हो रही थी। सिविल सर्जन डॉ. घई ने बताया कि लिग निर्धारण टेस्ट हो रहा था तो निश्चित ही भ्रूण हत्या भी होती होगी। हम इस पहलू की जांच कर रहे हैं।

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Posted By: Jagran

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