जासं, अमृतसर: मोटापा एक ऐसा रोग है जो धीरे-धीरे इंसान को कई बीमारियों की गिरफ्त में पहुंचा देता है। वर्तमान में जहां आधुनिकीकरण के चलते पार्क, ग्राउंड खत्म हो रही हैं, वहीं लोग आरामदायक जीवन जीने के आदी बनते जा रहे हैं। ऐसे में भारत में लगभग 13 करोड़ लोग मोटापे से पीड़ित हैं।

विश्व में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। यह बात बैरिएट्रिक एंड मेटोबोलिक सर्जरी स्पेशलिस्ट व कास्मिक सर्जिकल सेंटर मोगा के डायरेक्टर डा. अमित सूद ने शनिवार को अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा मोटापे की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, स्लीप एपनिया, जोड़ों की समस्याएं, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं का शिकार भी बन रहे हैं। मोटे लोगों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। विश्व ओबेसिटी फेडेरशन ने भी मोटापे को एक जटिल बीमारी के रूप में माना है, जो मधुमेह, स्लीप एपनिया, उच्च रक्तचाप और बांझपन जैसी बीमारियों से जुड़ी है। पिछले दस वर्षो में देश में मोटे लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है।

अमृतसर में एक तिहाई आबादी मोटापा से ग्रस्त है। यह अनुपात महिलाओं में अधिक है। डा. अमित सूद का कहना है कि पंजाब में मोटापे का प्रमुख कारण आरामदायक जीवन शैली व सामाजिक आदतें जिनमें लोग बगैर नियंत्रण के खाते हैं। लोगों में जंक फूड को खाने या फिर बफे सिस्टम में ज्यादा खाने से यह समस्या होती है। इस खाने के साथ शराब का सेवन भी किया जाता है तो यह बहुत बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। मोटापे की बीमारी के इलाज में इंश्योरेंस कवरेज एक अहम कड़ी है। मेडिकल इंश्योरेंस में इस तरह के उपचार की कवरेज के जरिए निश्चित रूप से ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।

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