जागरण संवाददाता, अमृतसर: कोरोना लॉकडाउन के बाद रेलवे ने एक जून से पूरे देश में करीब 200 ट्रेनें चलाने का फैसला किया। इसी के तहत अमृतसर से भी छह ट्रेनें चलाई जानी हैं। इनमें अमृतसर से जलपाईगुड़ी, कोलकाता, बांद्रा, मुबंई सेट्रंल और जयनगर (सप्ताह में तीन दिन) के रूट शामिल हैं। मगर पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को अनदेखा कर दिया गया है। रोजाना अमृतसर, जालंधर, लुधियाना से हाजारों लोग विभिन्न कामों के लिए चंडीगढ़ जाते हैं, जिन्हें मायूस होना पड़ रहा है। कुछ लोग हाईकोर्ट के सिलसिले में, कुछ व्यापार व अन्य काम के लिए अप-डाउन करते हैं। ऐसे में उनकी मांग है कि जल्द से जल्द चंडीगढ़ रूट पर भी ट्रेन चलाई जाए।

सरकारी कामों में आती है अड़चन: कपूर

लघु उद्योग भारती के प्रधान अमित कपूर ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और सभी विभागों के हेड आफिस भी वहीं पर हैं। जब तक चंडीगढ़ के साथ संपंर्क नहीं हो पाता, सरकारी कामों में अड़चन रहेगी। व्यापारियों को लगातार अपने व्यापार और अन्य कामों के संबंध में जाना पड़ता है। ऐसे में ट्रेन ही एक ऐसा विकल्प है, जिससे सुबह जाकर शाम को वापस आ सकते हैं। इसलिए चंडीगढ़ के लिए जल्दी ट्रेन चलाई जानी चाहिए।

हाईकोर्ट में रहते हैं ढेरों काम: गोरसी

एडवोकेट संदीप गोरसी ने कहा कि कुछ दिनों तक पंजाब एंड हरियाना हाईकोर्ट में काम शुरू हो जाएगा। अमृतसर से बड़ी संख्या में वकील हाईकोर्ट में जाकर प्रैक्टिस करते हैं। सुबह जाकर शाम को वापिस आना होता है। इस कारण ट्रेन बहुत सुविधाजनक है। इसलिए चंडीगढ़ के लिए पहल के आधार पर गाड़ी चलाई जानी चाहिए।

Posted By: Jagran

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