रजिदर सिंह, छेहर्टा : प्रशासन की ओर से जारी किए गए अलग-अलग मेडिकल स्टोर के नंबर भी केवल स्फेद हाथी बने हुए है। कोई नंबर या तो लगता नहीं है। अगर कोई नंबर मिल भी जाए तो पिक नहीं किया जाता हैं। जिस कारण जरूरतमंद लोगों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। हालांकि बहुत सारे ऐसे लोग है, जोकि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। मगर सप्लाई लाइन ठीक न होने के कारण दवाई नहीं मिल पा रही है। रामतीर्थ रोड सेवा नगर निवासी संजीव कुमार डोगरा ने बताया कि उसकी मां अरूणा रानी को किडनी की समस्या और साथ ही शुगर भी हैं। जिस कारण पिछले करीब आठ महीनों से उनकी रेगुलर दवाई चल रही है। मगर क‌र्फ्यू होने के कारण वह कहीं पर भी जा नहीं पा रहे है। प्रशासन की ओर से मेडिसन हेल्प लाइन के चार नंबर जारी किए हैं। इनमें से दो नंबर तो पूरी तरह से बंद रहते हैं। जबकि बाकी के दो नंबर पर कोई भी फोन नहीं पिक करता है। ऐसे में उनकी मां की बीमारी लगातार बढ़ रही हैं और वह कहीं से भी दवाई ला पाने में पूरी तरह से असहाय है। संजीव कुमार ने कहा कि कम से कम उन्हें दवाई लाने के लिए छूट मिलनी चाहिए और साथ ही जो नंबर प्रशासन ने जारी किए हैं। उनको लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए। ताकि आम लोगों को इससे परेशानी न हो।

Posted By: Jagran

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