जागरण संवाददाता, कटड़ा। Navjot Singh Sidhu महाराष्ट्र और हरियाणा में हो रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से पार्टी ने प्रचार कराने से किनारा कर लिया है। इसके चलते सिद्धू सियासी भविष्य को बचाने के लिए फिर माता वैष्णो देवी के चरणों में लीन हो गए हैं। वह पहले नवरात्र 29 सितंबर से ही भवन में हैं। वह किसी से बात नहीं कर रहे हैं। यहां पर उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई थी। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इससे पहले जुलाई में भी वह पंजाब आए थे। 

सोमवार तक वैष्णो देवी रहेंगे

जानकारी के मुताबिक सिद्धू अंतिम नवरात्र सोमवार तक वैष्णो देवी भवन पर ही रहेंगे और कन्या-पूजन करने के बाद जाएंगे। इससे पहले अगस्त में सिद्धू वैष्णो देवी भवन में हाजिरी लगाने पहुंचे थे तब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमिरंदर सिंह के साथ रिश्तों में खटास और विभाग बदले जाने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

दिनभर मां की भक्ति में लीन

सिद्धू रोज सुबह जल्दी उठ जाते हैं और मां के दरबार में सुबह होने वाली आरती में भाग लेते हैं। इसके बाद किसी से कोई बातचीत नहीं करते और तुरंत भवन में एक कमरे में चले जाते हैं। दिनभर वह अपने कमरे में ही मां की भक्ति में लीन रहते हैं। शाम को फिर से होने वाली आरती में भाग लेते हैं।

मंदिर के सूत्रों अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों गुप्त नवरात्र के चलते सोमवार तक वैष्णो देवी भवन पर ही रहेंगे। सिद्धू वैष्णो देवी में जब कमरे से बाहर निकलते हैं तो किसी को अपनी फोटो भी नहीं खींचने देते हैं।

विवादों में डूबने पर आते हैं मां के चरणों में

यह पहली बार नहीं है कि सिद्धू मां के दरबार में आए हों और अध्यात्म में डूबे हों। इससे पहले भी वह कई बार मां के भवन में आते रहे हैं। जब भी सिद्धू किसी विवाद या फिर मुसीबत में घिरते हैं तो वह माता वैष्णो देवी की शरण में आ जाते हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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