जागरण संवाददाता, अमृतसर

महिला वकील ने मोगा के एक तांत्रिक पर उसकी दो बहनों को सम्मोहित कर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। साल 2016 में वह किसी तरह से उसके चंगुल से बचकर भाग निकली थी। महिला ने बताया कि 19 जुलाई 2016 को बाबा ने उसके घर में आकर उसके साथ भी छेड़छाड़ की थी। इस बारे में कंबो थाने में एफआइआर नंबर-115 दर्ज की गई थी। जिसे अब पुलिस ने खारिज करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने जब उन्हें इस बारे में पूछा तो उन्होंने पुलिस की याचिका का विरोध किया और अपने केस में दुष्कर्म के प्रयास की धारा जोड़ने की भी अपील की है। मामले की पैरवी कर रही वरिष्ठ अधिवक्ता नवजोत कौर चब्बा ने बताया कि इलाका मैजिस्ट्रेट ने पुलिस को दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।

अमृतसर देहाती के किसी गांव की रहने वाली महिला वकील ने बताया कि साल 2012 में उनके घर मोगा के एक तांत्रिक ने आना शुरू किया। परिवार में वह तीनों बहने और मां मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। उस समय तांत्रिक ने परिवार को झांसा दिया कि उनपर किसी उपरी छाया का साया है। इसे दूर करने के नाम पर उसने तीनों बहनों मोगा स्थित अपने आश्रम में ले गया। आरोपित कई बार उनके घर पर भी रहा। इस दौरान उसे तांत्रिक बाबा की नीयत पर संदेह होने लगा। उसने परिवार को जब इस बार में बताया तो कोई सदस्य उसकी बात मानने को तैयार नहीं था। 18 जुलाई 2016 को तांत्रिक बाबा उसके घर पहुंचा और रात के समय उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। इस बारे में उसके परिवार के सदस्यों को भी पता चल गया था। पुलिस को शिकायत की गई तो कंबो थाने की पुलिस ने बाबा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। जब परिवार ने दोनों बेटियों (पीड़िता की बहनों) को बाबा के आश्रम से लाना चाहा तो बहनों ने आने से इनकार कर दिया। परिवार ने बताया कि वह कई बार दोनों बेटियों को मिल चुके हैं। आरोप है कि तांत्रिक ने दोनों बहनों को सम्मोहित कर रखा है, जिस कारण वह घर आने को तैयार नहीं हैं।

महिला वकील ने आरोप लगाया कि कंबो थाने की पुलिस ने उसकी तरफ से दर्ज कराई गई एफआइआर नंबर 115 को खारिज करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। जबकि उसने पुलिस से मांग की थी कि एफआइआर में दुष्कर्म के प्रयास की धारा लगाई जाए। जब अदालत ने मामला खारिज करने के लिए पीड़ित परिवार से पूछा तो परिवार ने केस खारिज करने की बात से इनकार कर दिया। अब न्यायधीश ने मामले की दोबारा से जांच के आदेश दिए हैं। आइपीएस अधिकारी से जांच की मांग

पीड़ित महिला वकील ने बताया कि मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण बाबा और उसके सहयोगी उन पर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। पीड़िता ने मांग की है कि मामले की जांच अमृतसर देहाती से लेकर किसी अन्य जिले में तैनात आईपीएस अधिकारी से कराई जानी चाहिए। ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके।

Posted By: Jagran