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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब चुनाव में डेरे से समर्थन लेने वाले 39 नेताओं को गुरुधामों की सेवा की सजा

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Mon, 17 Apr 2017 01:58 PM (IST)Updated: Mon, 17 Apr 2017 06:15 PM (IST)

पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान डेरे से समर्थन मांगने वाले 39 नेता आज सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। उन्हें धार्मिक सजा सुना दी गई है।

पंजाब चुनाव में डेरे से समर्थन लेने वाले 39 नेताओं को गुरुधामों की सेवा की सजा
पंजाब चुनाव में डेरे से समर्थन लेने वाले 39 नेताओं को गुरुधामों की सेवा की सजा

जेएनएन, अमृतसर। विधानसभा चुनाव के दौरान डेरा सच्चा सौदा से वोट मांगने वाले 39 आरोपी सिख नेता सोमवार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने आरोपी सिख नेताओं को गुरुधामों की सेवा की धार्मिक सजा सुनाई। इन्हें श्री अकाल तख्त साहिब ने तनखइया घोषित किया था। इनमें से 21 साबत स्वरूप सिख नेता हैं, जबकि 18 आरोपी पतित सिख हैं। आरोपियों में चार नेता पेश नहीं हुए। उन्हें पांच ङ्क्षसह साहिबान की अगली बैठक में पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं।

पेश हुए 21 साबत स्वरूप सिख नेताओं में से 20 नेता अकाली दल के हैं, जबकि एक नेता कांग्रेस का है। इसी पतित सिख नेताओं में से 10 कांग्रेस के, 9 अकाली दल के और एक आम आदमी पार्टी का है।

साबत स्वरूपों को सफाई, जोड़ों के पॉलिश, लंगर सेवा के आदेश

जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब की गैलरी से साबत स्वरूप सिख नेताओं को आदेश दिया कि वे एक दिन गुरुद्वारा सारागढ़ी साहिब से दर्शनी ड्योढ़ी घंटा घर तक श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब तक आने वाले रास्ते की सफाई करेंगे। सभी आरोपी एक दिन सारी परिक्रमा में सफाई, धुलाई की सेवा करेंगे। आरोपी एक दिन दो घंटों के लिए जोड़ा घरों में जोड़े पॉलिश करने की सेवा निभाएंगे। सभी आरोपी एक दिन दो घंटे लंगर बांटने की सेवा करेंगे।

आरोपी एक घंटा एक दिन श्री हरिमंदिर साहिब में कीर्तन श्रवण करेंगे। कीर्तन सुनने के बाद सभी आरोपी 501-501 रुपये की अलग अलग कड़ाह प्रसाद की देग लेकर आएंगे और 5100-5100 रुपये गोलक में डाल कर श्री अकाल तख्त साहिब से क्षमा की अरदास करेंगे।
पतित सिख नेताओं को बर्तन साफ करने व झाड़ू लगाने की सजा
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि पतितों को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब करने का कोई नियम सिख पंथ में नहीं है। जो पतित सिख नेता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए हैं, उनको हिदायत दी गई है कि वे सभी अपने-अपने इलाकों में स्थित उन धार्मिक स्थानों में झाडृू लगाने, पाठ सुनने व बर्तन साफ करने की दस दिन की सेवा एक माह में निभा कर श्री अकाल तख्त साहिब पर रिपोर्ट करेंगे।
बादल पिता-पुत्र को तलब करने की मांग
श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए कांग्रेस के पतित सिख नेताओं ने पांच ङ्क्षसह साहिबान की बैठक में एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की है डेरा से निकट संबंधों पर बादल पिता-पुत्र को क्यों तलब नहीं किया गया। कांग्रेस के नेता अरमङ्क्षरदर ङ्क्षसह राजा वङ्क्षडग़, दमन कौर बाजवा और करण कौर ने अपने हस्ताक्षर कर ज्ञानी गुरबचन ङ्क्षसह को सौंप कर मांग की है बादल परिवार को भी तलब किया जाए। क्योंकि इनकी सहमति के बिना डेरा की ओर से अकाली दल के पक्ष में वोट देने का एलान नहीं किया जा सकता था।

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