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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मल्टीस्पेशलिटी' अस्पताल का हाल, स्थायी मेडिसिन स्पेशलिस्ट नहीं किया तैनात

By JagranEdited By:
Published: Mon, 22 Nov 2021 09:00 AM (IST)

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का सरकारी स्तर पर जनता के बीच जोर-शोर से महिमामंडन किया जाता है।

'मल्टीस्पेशलिटी' अस्पताल का हाल, स्थायी मेडिसिन स्पेशलिस्ट नहीं किया तैनात
'मल्टीस्पेशलिटी' अस्पताल का हाल, स्थायी मेडिसिन स्पेशलिस्ट नहीं किया तैनात

नितिन धीमान, अमृतसर: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का सरकारी स्तर पर जनता के बीच जोर-शोर से महिमामंडन किया जाता है। ढाब खटिकां स्थित प्रिसेज आफ वेल्स जनाना अस्पताल के मामले में भी ऐसा ही हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने इसी सप्ताह इस अस्पताल का उद्घाटन कर इसे 'मल्टीस्पेशलिटी' अस्पताल का दर्जा दे दिया। शहर की चारदीवारी में बसे तकरीबन साढ़े तीन लाख लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर व कर्मचारी यहां बैठ तो गए, पर इस अस्पताल में मेडिसिन डाक्टर की स्थायी तैनाती नहीं की गई। अजनाला स्थित एक मेडिसिन डाक्टर माधव अरोड़ा को तीन दिन जनाना अस्पताल में आने को कहा गया है। बाकी तीन दिन यहां डाक्टर नहीं मिलेगा।

मेडिसिन ओपीडी इतनी महत्वपूर्ण है कि सौ में से तकरीबन 70 मरीज यहां पहुंचते हैं। पेट की समस्या, लिवर, किडनी व हृदय संबंधी रोगों की जांच मेडिसिन डाक्टर ही करता है। इन दिनों कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई है, पर डेंगू मच्छर सक्रिय है। ऐसे हालात में मेडिसिन डाक्टर की उपलब्धता बेहद अनिवार्य है। सप्ताह में तीन दिन आने वाला एक डाक्टर कैसे मरीजों की जांच कर पाएगा, इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। सिविल अस्पताल में भी परेशानी

हालात सिविल अस्पताल के भी ठीक नहीं। यहां एक ही मेडिसिन डाक्टर के सहारे डेंगू वार्ड व ओपीडी चलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां भी एक अन्य डाक्टर को तीन दिन के लिए तैनात किया, पर सैकड़ों मरीजों के जख्म पर मरहम लगाने में सफल नहीं हो पाया। सिविल अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी व वार्ड में मरीजों की भारी भीड़ जमा रहती है। एक डाक्टर के कंधे इन मरीजों का बोझ उठाने में असमर्थ हैं। ज्यादातर स्टाफ डेपुटेशन पर

सीसीटीवी कैमरों, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम से लैस जनाना अस्पताल में लैबोरेट्री व डिस्पेंसरी के साथ-साथ चिकित्सा उपकरण भी इंस्टाल किए जा चुके हैं। गायनी, एनेस्थीसिया, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के अतिरिक्त लैबोरेट्री टेक्निशियन, फार्मासिस्ट व रेडियोग्राफर तैनात किए जा चुके हैं। ज्यादातर स्टाफ प्रतिनियुक्ति यानी दूसरे अस्पतालों से यहां लगाया गया हैं। जनाना अस्पताल में हुए सिजेरियन व हर्निया के आपरेशन

जनाना अस्पताल में नार्मल डिलीवरी की प्रक्रिया पहले से ही जारी थी। अब सिजेरियन भी किए गए हैं। इसके अलावा हर्निया के मरीज का सफलतम आपरेशन हुआ है। अस्पताल की प्रभारी डा. रश्मि का कहना है कि फिलहाल मेडिसिन डाक्टर तीन दिन के लिए उपलब्ध है। विभाग द्वारा जल्द ही स्थायी मेडिसिन डाक्टर की तैनाती की जाएगी। हमारे पास एमबीबीएस जनरल मेडिकल आफिसर हैं, जो चौबीसों घंटे मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। वहीं सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह का कहना है कि मेडिसिन डाक्टर की कमी पूरी की जाएगी। तीन दिन तो मुश्किल नहीं, शेष तीन दिनों के लिए जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से डेपुटेशन पर जनाना अस्पताल में मेडिसिन डाक्टर लगाया जाएगा।