नगर निगम की पूर्व में रही 8 जोनों में होता था काम, सब जोनों का इंचार्ज सुप¨रटेंडेंटों को बनाया,

सब जोनल इंचार्ज प्रॉपर्टी टैक्स, हाउस टैक्स, एस्टेट, लैंड, पानी व सीवरेज तथा लाइसेंस विभाग से संबंधित काम करेंगे, फोटो : 60 से 67 तक विपिन कुमार राणा, अमृतसर

नगर निगम द्वारा शहरवासियों को दी जा रही सुविधाओं को सुलभता से मुहैया करवाने के लिए नए सिस्टम के तहत शहर को पांच जोनों और 10 सब जोनों में बांट दिया गया है। सब जोनों का प्रभार सुपरिंटेंडेंटों के जिम्मे रहेगा। उन्हें वार्ड स्तर पर स्टाफ मुहैया करवाया जाएगा और यह स्टाफ निगम की सब जोन में मिलने वाली सारी सुविधाओं के लिए जवाबदेह होगा। यही स्टाफ टैक्स कलेक्शन करेगा और निगम से संबंधित अन्य काम प्रापर्टी टैक्स, हाउस टैक्स, एस्टेट, लैंड, पानी व सीवरेज तथा लाइसेंस विभाग से संबंधित काम करेंगे।

पांच जोनों में नार्थ, ईस्ट, वेस्ट, सेंटर व साउथ यानी हलका अनुसार बनाए गए है। वही दस जोनों में नार्थ सब जोन वन—टू, ईस्ट सब जोन वन—टू, वेस्ट सब जोन वन—टू, वेस्ट सब जोन वन—टू और सेंट्रल सब जोन वन व टू में विभाजित किया गया है। हरेक सब जोनल का इंचार्ज सुपरिंटेंडेंट होगा और उनके अधीन एक सीनियर सहायक इंस्पेक्टर व हर वार्ड में एक दर्जा तीन कर्मचारी व एक दर्जा चार

कर्मचारी तैनात किया जाएगा। जिससे शहरवासियों को निगम की ओर से दी जा रही सुविधाएं जोनल कार्यालय में उपलब्ध होगी। आम लोगों को निगम से संबंधित अपने काम करवाने में मुश्किल पेश नहीं आएगी। इससे निगम की आमदन को बढ़ाने के भी प्रयास किए जाएंगे। वित्तीय स्थिति में सुधार भी संभावना को देखा जा रहा है। शहर को जोनल सिस्टम में बांट कर शहर की 85 के 85 वार्ड इसके तहत कवर किए जाएंगे। यह अधिकारी

अधिकारी अपना पहले वाला काम भी देखेंगे

यह व्यवस्था समूचे लागू हो जाने से जोनल सिस्टम में काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी अपने मौजूदा, काम को जोनल सिस्टम के साथ देखेंगे। जो स्टाफ जोनल सिस्टम के तहत तैनात किया गया है। स्टाफ को अपनी ड्यूटी संबंधी कोई मुश्किल पेश आती है या जोनल इंचार्ज तैनात किए गए स्टाफ से काम करवाने में कोई मुश्किल महसूस करता है तो इसकी लिखित रिपोर्ट जनरल शाखा को भेजेगा। जितनी देर तक जोनल सिस्टम के तहत जोनल स्तर पर पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो जाता तब तक जोनल सिस्टम में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचरी नगर निगम के मुख्य कार्यालय रंजीत एवेन्यू में ही बैठेंगे। यह काम करेंगे जोनल इंचार्ज

—अपनी देखरेख में प्रापर्टी टैक्स विभाग से संबंधित सर्वे करवाएंगे। जिसमें रिहायशी व कमर्शियल संस्थानों की पहचान करके उनको नोटिस जारी करने व हाउस टैक्स, प्रापर्टी टैक्स के बकाये की रिकवरी करने के लिए पोस्ट मशीनों का प्रयोग करेंगे।

—पानी व सीवरेज विभाग से संबंधित सर्वे करवाएंगे, जिसमें रिहायशी व कमर्शियल संस्थानों की पहचान करेंगे।

जिन उपभोक्ताओं की ओर से पानी व सीवरेज के बिल नहीं भरे जा रहे, जिनकी और पानी व सीवरेज के कनेक्शन पास नहीं करवाए गए हैं, उन उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करवाने व पानी व सीवरेज के बकाये की रिकवरी करवाएंगे।

—लाइसेंस विभाग से संबंधित सर्वे करवाएंगे। कमर्शियल संस्थानों की पहचान करके जिन कमर्शियल संस्थानों द्वारा ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाए गए, उनको नोटिस जारी करवाने व नए लाइसेंस बनवाने संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

—अपनी जोन अधीन वार्डों का सर्वे चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सेनेटरी इंस्पेक्टरों से करवाएंगे। भूमि विभाग से

संबंधित रेवेन्यू कलेक्शन, अस्थायी अतिक्रमण करने वालों से कंपोजिशन फीस वसूल करना आदि यह जिम्मेदारी इलाका चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सेनेटरी इंस्पेक्टरों की ओर से निभाई जाएगी।

—चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सेनेटरी इंस्पेक्टरों द्वारा बि¨ल्डग विभाग से संबंधित नई बि¨ल्डगों की हो रही निर्माण, एमटीपी विभाग द्वारा सील की गयी बि¨ल्डग की समय समय पर चे¨कग करके रिपोर्ट जोनल इंचार्ज के माध्यम से एमटीपी विभाग को भेजी जाएगी। एमटीपी विभाग को रिपोर्ट करते हुए इसकी एक कापी मेयर कार्यालय व कमिश्नर दफ्तर को भी भेजेंगे। किस सब जोन का कौन सा सुप¨रटेंडेंट इंचार्ज

वेस्ट सब जोन 1 : सुपरिटेंडेंट सतपाल ¨सह

वेस्ट सब जोन 2 : सुपरिटेंडेंट धर्मेंद्रजीत ¨सह

साउथ सब जोन 1 : सुपरिटेंडेंट पु¨ष्पदर ¨सह

साउथ सब जोन 2 : सुपरिटेंडेंट गिरीश

सेंट्रल सब जोन 1 : सुपरिटेंडेंट लवलीन शर्मा

सेंट्रल सब जोन 2 : सुपरिटेंडेंट अश्वनी सहगल

ईस्ट सब जोन 1 : सुपरिटेंडेंट प्रदूमन कुमार

ईस्ट सब जोन 2 : सुपरिटेंडेंट जस¨वदर ¨सह

नार्थ सब जोन 1 : सुपरिटेंडेंट द¨वदर ¨सह बब्बर

नार्थ सब जोन 2 : सुपरिटेंडेंट प्रदीप कुमार

Posted By: Jagran