पंकज शर्मा, अमृतसर

विधानसभा चुनाव को लेकर वामपंथी पार्टियों ने भी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) में किसान ग्रुप, संयुक्त समाज मोर्चा के साथ मिलकर मैदान में उतरने का पक्ष रख रहा है जबकि यह भी चर्चा है कि या तो माकपा के साथ समझौता करें या फिर अकेले मैदान में उतरा जाए। भाकपा अमृतसर शहरी और ग्रामीण शाखाओं की हुई बैठकों में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों से राय ली जा रही है।

वैसे अकेले चुनाव लड़ने के लिए राज्य में भाकपा ने 18 सीटों का चयन किया है। इसमें चार सीटें अमृतसर जिले की भी हैं। भाकपा की ओर से अगर संयुक्त समाज मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ा जाता है तो अमृतसर वेस्ट और मजीठा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे। अगर भाकपा अकेले चुनावी मैदान में उतरती है तो अमृतसर वेस्ट, राजासांसी, मजीठा और अमृतसर पूर्वी से उम्मीदवारों को खड़ा करेगी। चुनावी गठजोड़ को लेकर पार्टी एक दो दिनों में फैसला ले लेगी। जिला कार्यकारिणी और वर्करों की राय हाईकमान को भेजी: अमरजीत

भाकपा की राज्य कौंसिल के सदस्य अमरजीत सिंह आसल और अमृतसर ग्रामीण इकाई के सचिव लखबीर सिंह निजामपुरा ने कहा कि पार्टी की जिला कार्यकारिणी और वर्करों की चुनाव को लेकर राय संबंधी रिपोर्ट हाईकमान को भेज दी है। जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार ही मैदान में उतरा जाएगा। संयुक्त समाज मोर्चा से समझौता नहीं करेंगे: सुच्चा सिंह

माकपा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य मास्टर सुच्चा सिंह कहते हैं कि माकपा ने राज्य में 40 सीटों का चयन किया है। उनकी पार्टी संयुक्त समाज मोर्चा से कोई भी समझौता नहीं करेगी। अगर समझौता होगा तो सिर्फ भाकपा के साथ ही होगा। अमृतसर जिले में चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। अमृतसर में तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे: रंधावा

उधर क्रांतिकारी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता रत्न सिंह रंधावा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अपने उम्मीदवार संयुक्त समाज मोर्चा के बैनर तले ही चुनावी मैदान में उतार रही है। अमृतसर में तीन सीटों पर पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। इसके लिए पार्टी वर्करों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।

Edited By: Jagran