जागरण संवाददाता, अमृतसर : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान जत्थेबंदियों की ओर से कंपनी बाग में रोष रैली आयोजित की गई। इस से पहले अलग अलग गांवों व कस्बों से किसान संगठनों के कार्यकर्ता रोष मार्च करते हुए कंपनी बाग पहुंचे। प्रदर्शनकारी केंद्र की जन व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके 27 सितंबर के किसान भारत बंद को सफल बनाने का फैसला लिया गया। इस दौरान किसानों ने दुकानदारों, व्यापारियों और कारोबारियों को अपने अपने कारोबार बंद रख कर किसानी आंदोलन का समर्थन करने का आह्वान किया गया । इस के बाद किसानों ने शहर के अलग अलग इलाकों में दो व चार पहिया वाहनों पर सवार होकर रोष मार्च भी आयोजित किया। प्रदर्शन में मजीठा, कत्थूनंगल,मेहता, चोगावां, टांगरा, रईया,अटारी,अजनाला आदि ने किसान शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए डा एएस सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां पूरी तरह कृषि सेक्टर को तबाह करने वाली है । यह नीतियों किसानों को कृषि सेक्टर से बाहर कर देंगी। किसान अपनी ही भूमि पर कृषि मजदूर बन कर रह जाएगा। सरकार बैंक, जन संस्थान, रेल,सेहत संवाए, ट्रांसपोर्ट, टेलीकाम आदि पब्लिक सेक्टर को कारपोरेट घरानों के पास बेच रही है।सरकारों की ओर से छह लाख 40 हजार करोड़ रूपय की पब्लिक सेक्टर की प्रापर्टी कारपोरेटरों को बेची जा चुकी है।इस दौरान किसान नेताओं बलकार सिह दुधाला, रत्न सिंह रंधावा, सविदर सिह मीरां कोट, धनवंत सिंह खतराए कलां,भूपिदर सिंह तीर्थपुरा, सुखगंभीर सिंह लोहारका,दविदर सिह चाटीविड,हरजीत सिंह झीते,मगल सिंह धर्मकोट,महिताब सिंह सिरसा ने भी संबोधित किया। किसानों ने कंपनी बाग से लेकर भगतांवाला मंडी तक मार्च आयोजित किया।

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