अमृतसर में टोल प्लाजा पर किसानों का प्रदर्शन, चार घंटे टोल फ्री रहा; मुआवजा व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उठाई मांग
जंडियाला गुरु में किसानों ने टोल प्लाजा चार घंटे मुफ्त कर विरोध जताया। फसल नुकसान के मुआवजे, न्यूनतम समर्थन मूल्य ...और पढ़ें

टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करते हुए किसान।
HighLights
किसानों ने निज्जरपुरा टोल प्लाजा चार घंटे मुफ्त किया।
फसल नुकसान मुआवजे और MSP की कानूनी गारंटी मांगी।
केंद्र की किसान विरोधी नीतियों का विरोध किया गया।
डिजिटल डेस्क, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में जंडियाला गुरु क्षेत्र में स्थित निज्जरपुरा टोल प्लाजा पर शुक्रवार को किसान संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक टोल प्लाजा को आम लोगों के लिए पूरी तरह मुफ्त कर दिया, जिससे राहगीरों को बड़ी राहत मिली और वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रही।
किसान नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए फैसलों के विरोध में किया गया है, जिन्हें वे किसान विरोधी बता रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां लगातार किसानों के हितों को प्रभावित कर रही हैं, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
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मुआवजे की किसान कर रहे मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने गड़ेमारी और खराब मौसम के कारण फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पहले मुआवजे का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो फसलों का सही आकलन किया गया है और न ही किसानों को कोई आर्थिक सहायता मिली है।
किसानों ने मांग की कि जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में जल्द कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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केंद्र की नीतियों के खिलाफ भड़के किसान
किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा नीतियों से किसानों के अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, फसलों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। पुलिस प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
