जेएनएन, अमृतसर। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का असर बकरीद पर भी दिखा। दोनों देशों के बीच बकरीद पर मिठाई का आदान-प्रदान होता था, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने भारतीय रेंजरों को मिठाई नहीं दी। 

भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही भारत-पाक के बीच तनाव के हालात हैंं। समझौता एक्सप्रेस, भारत-पाक बस सेवा बंद करने के बाद आज बकरीद पर भी इसका साया दिखाई दिया। ईद पर जेसीपी अटारी पर मिठाई नहीं दी गई। हालांकि बीएसएफ के अधिकारी जेसीपी अटारी जीरो लाइन पर मौजूद रहे, ताकि इस परंपरा को निभाया जा सके। मगर पाक रेंजर्स की तरफ से ईद संबंधी कोई संदेश नहीं आया।

ईद के मौके पर पहले पाक रेंजर्स बीएसएफ को मिठाई देते हैं और इसके बदले में बीएसएफ भी पाक सुरक्षा बलों को मिठाई देती है। जून 2018 में भी रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम का उल्लंघन होने पर मिठाई एक्सचेंज नहीं हुई थी।

बता दें, जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव का असर अमृतसर-लाहौर के बीच चलने वाली बस सेवा पर भी पड़ा। दो दिन पूर्व शनिवार को पाकिेस्‍तान ने भारत से अपनी बस मंगवा ली और लाहौर से भारत की बस को खाली लौटा दिया था।

सितंबर 2005 में हुआ था अमृतसर-लाहौर बस का फैसला

अमृतसर और लाहौर के बीच बस चलाने का फैसला सितंबर 2005 में बातचीत के दूसरे राउंड में हुआ था और दोनों देशों के बीच इसके लिए लाहौर में 21 दिसंबर 2005 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें 20 जनवरी 2006 से यह बस शुरू करने का समझौता हुआ था। 20 जनवरी 2006 को लाहौर से पहली बार अमृतसर बस आई और 24 जनवरी 2006 को अमृतसर से पहली बार लाहौर के लिए बस रवाना हुई। पाकिस्तान से अमृतसर के बीच चलने वाली पहली बस को दोस्ती नाम दिया गया था, जिसने ईस्ट और वेस्ट पंजाब के गैप में ब्रिज का काम किया। यह बस अमृतसर से 66 किलोमीटर का सफर तय करके लाहौर पहुंचती थी।

सप्ताह में दो दिन चलती थीं बसें

अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनल अमृतसर से ननकाना साहिब के लिए प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे चलती थी। जबक ननकाना साहिब से अमृतसर के लिए सप्ताह में दो दिन प्रत्येक मंगलवार और शनिवार की सुबह 9 बजे यह बस चलती थी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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