अखिलेश सिंह यादव/दीपक शर्मा, अमृतसर : पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा सोमवार को बाद दोपहर घोषित किए गए आठवीं व दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की खुशी कोविड-19 महामारी के कारण लगी पाबंदियों से पैदा हुए सन्नाटे में दब गई। इस बार दसवीं व आठवीं का परीक्षा परिणाम कंटीन्यूज कंप्रीहेंसिव इवेल्यूशन (सीसीई) पद्धति के अनुसार घोषित किया गया है। यानि इंटरनल परीक्षाओं में असेसमेट के आधार पर इस बार परिणाम घोषित किया गया। कोविड ने परीक्षा परिणाम की खुशियों का जश्न इस साल फीका कर दिया। कहीं कोई ढोल नहीं बजा और न ही कहीं विद्यार्थी एक दूसरे को बधाई देने के लिए एक-दूसरे के पास पहुंचे। पहले परिणाम घोषित होने के बाद स्कूल कैंपस में जहां विद्यार्थियों की भीड़ जुट जाती थी। पर सोमवार को स्कूल परिसर वीरान रहे वही जिला शिक्षा कार्यालय सेकेंडरी में भी सन्नाटा पसरा हुआ था।

हालांकि पिछले साल आठवीं व दसवीं कक्षा की अधिकांश परीक्षाएं हो गई थीं। इसके आधार पर परिणाम घोषित किए गए थे और अव्वल विद्यार्थियों की मेरिट सूची भी जारी हुई थी। इस बार कोविड के अधिक केसों को देखते हुए न ही पीएसईबी ने कोई मेरिट सूची जारी की और न ही दसवीं व आठवीं कक्षा की परीक्षाएं हुई। इसलिए इंटरनल परीक्षाओं में असेसमेट के आधार पर इस बार परिणाम घोषित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी सतिदरबीर सिंह ने कहा कि दसवीं कक्षा के लिए प्रदेश में 321384 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और इनमें 321163 विद्यार्थी पास हुए हैं। वहीं आठवीं कक्षा की परीक्षा में 307272 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी जिसमें 306893 पास हुए। उन्होंने पास हुए विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके बेहतर भविष्य की कामना की। अभी जिला शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों का आंकड़ा जारी नहीं किया है। प्री-बोर्ड के आधार पर हो सकता है बारहवीं का परिणाम घोषित

उधर, शिक्षा क्षेत्र में संभावना व्यक्त की जा रही है कि कोविड-19 महामारी के कारण पीएसईबी बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम को प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर घोषित कर सकता है। इसके लिए एक जून को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बैठक रखी है। इस बैठक में उक्त बात पर मोहर लग सकती है।

Edited By: Jagran