अमृतसर, [रविंदर शर्मा]। पुलवामा आतंकी हमले के बाद आइसीपी अटारी पर भारत और पाकिस्तान के बीच कारोबार बिल्कुल बंद हो चुका है। इसका कारण पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हर वस्तु पर 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगना है। हालांकि रेल मार्ग से पड़ोसी देश के साथ एक्सपोर्ट जारी है। भारत-पाक के बीच व्यापार बंद होने से आइसीपी अटारी पर करोड़ों का माल डंप हो चुका है। दूसरी ओर कश्मीर के रास्ते दोनों देशों के बीच व्यापार जारी है। इससे कारोबारी बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार पाकिस्‍तान से एक्‍सपोर्ट पर भी पूरी तरह रोक लगाए।

रेल मार्ग के जरिये भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा है कारोबार

कारोबारियों का कहना है कि देश भी के लिए सर्वोपरि है, लेकिन केंद्र सरकार को राज्यों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। कारोबारियों में पाकिस्तान के साथ एक्सपोर्ट बढ़ऩे पर रोष जताया। उनका कहना है कि आइसीपी अटारी के रास्ते व्यापार बिल्कुल बंद हो चुका है, जबकि रेल के माध्यम से जारी है। पाकिस्तान (वाघा) से जहां 37 वैगन आई हैं, वहीं भारत से भी 87 वैगन पाकिस्तान गई हैं।

इंपोट्र्स चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान प्रदीप सहगल ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ कारोबार करने का फैसला भारत सरकार का है। इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का अधिकार भी उसके ही पास है। पाक से इंपोर्ट बंद होने के बाद कारोबारियों के साथ-साथ सरकार को भी करोड़ों का नुकसान हो रहा है। आइसीपी अटारी से होने वाला कारोबार केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आता है, जबकि कश्मीर में पाक से बॉर्डर ट्रेड गृह मंत्रालय के तहत आता है।

द करियाना एंड ड्राई फ्रूट््स कामर्शियल एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ कारोबार के लिए सरकार को दोहरी नीति नहीं अपनानी चाहिए। अगर पाकिस्तान से इंपोर्ट सामान पर कस्टम ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ाई है तो इसे कश्मीर के रास्ते पाक के साथ होने वाले बॉर्डर ट्रेड पर भी कड़े कदम उठाने चाहिएं। कश्मीर के रास्ते व्यापार भी बंद कर देना चाहिए। आइसीपी अटारी से पाकिस्तान से होने वाले कारोबार से केंद्र सरकार को वित्तीय लाभ मिलता है, मगर कश्मीर में ऐसा नहीं है। वहां एक चीज के बदले दूसरी चीज भेजी जाती है।  

सीमेंट कारोबारी विक्रांत अरोड़ा ने कहा कि आइसीपी अटारी पर करीब तीन करोड़ रुपये का माल डंप है। इसमें सीमेंट, जिप्सम, छुवारा, अजवायन आदि तो 14 फरवरी को पाक की तरफ से भेजा गया था, उसे कारोबारी उठा नहीं पा रहे। उस माल पर कस्टम ड्यूटी 200 फीसदी है, जबकि पहले यह मात्र पांच फीसद थी। आइसीपी अटारी पर कारोबार बंद होने से जहां कारोबारी प्रभावित हुए हैं, वहीं मजदूरों पर भी रोजी रोटी का संकट आ गया है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha