जागरण संवाददाता, अमृतसर: श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व को लेकर श्री हरिमंदिर साहिब का कोना-कोना मनमोहक देसी व विदेशी फूलों के साथ सजाया गया है। प्रकाश पर्व को मनाने के लिए एसजीपीसी और संगत की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। फूलों की इस मनमोहक व अलौकिक सजावट के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक का खर्च किया गया है। हर वर्ष की तरह मुबई की एमल कंपनी के मालिक केके शर्मा की ओर से फूलों की सजावट की सेवा को निभाया गया है। श्री हरिमंदिर साहिब का इन फूलों की सजावट के कारण नजारा देखने योग्य है। श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए फूलों की सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

प्रकाश पर्व पर सोमवार सुबह आठ बजे से लेकर बाद दोपहर 12 बजे तक सुंदर जलौ सजाए जाएंगे। देर शाम श्री हरिमंदिर साहिब में दीपमाला होगी। रात को आतिशबाजी भी चलाई जाएगी।

श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में गुरुद्वारा बाबा दीप ¨सह शहीद, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा गुरबख्श सिह, गुरुद्वारा थड़ा साहिब, गुरुद्वारा यादगार शहीदां, गुरुद्वारा झंडा बूंगा, गुरु बेर बाबा बुढ़ा साहिब, गुरुद्वारा लाची बेरी, गुरुद्वारा दुखभंजनी बेरी, गुरुद्वारा दीमान मंजी साहिब हाल, गुरुद्वारा राम सर और श्री हरिमंदिर साहिब के अंदर भी फूलों की सजावट की गई है।

एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह और श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर जस¨वदर ¨सह दीनपुर ने बताया कि प्रकाश पर्व पर बडी संख्या में संगत श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन के लिए पहुंच रही है। तीन दिन मे दस लाख के करीब श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होंगे। संगत से अपील है कि वे श्री हरिमंदिर साहिब परिसर और आसपास सफाई ध्यान रखें। वहीं अकाली दल के वरिष्ठ नेता जगजीत ¨सह जग्गा ने भी एसजीपीसी और संगत की ओर से श्री हरिमंदिर साहिब में की गई अलौकिक सजावट की प्रशंसा की है।

सजावाट जुटे हैं 300 के करीब कारीगर

श्री हरिमंदिर साहिब में की गई फूलों की सजावट के लिए 300 के करीब कारीगर पिछले आठ दिनों से दिन-रात एक करके काम कर रहे हैं। यह कारीगर दिल्ली और कोलकाता से विशेष तौर पर बुलाए गए हैं। कारीगर प्रदीप, मुकेश, शिव और रोहित ने बताया कि सजावट के लिए फूलों के दस विशेष ट्रक मंगवाए गए हैं। सभी फूलों को विशेष वातानुकूलित ट्रकों में लाया गया है।

विदेशों से भी मंगवाए गए हैं फूल

यह फूल हालैंड, थाईलैंड, मलेशिया आदि से मंगवाए गए हैं। इसमें प्रोटीया, हाईरेंजर, बैनकसीया, सीमीडीअम , डिसबर्ड , बैरी, पाईन एप्ल आदि के सुंदर फुलों केा भी शामिल किया गया है। कुछ स्थानों पर आर्टीफिशियल फूल भी लगाए गए हैं। विदेशों फूलों में कुछ फूल वेलें भी हैं। जिन की कीमत 900 से दो हजार रुपये तक है। इसके साथ -साथ देश में मिलने वाले फूल हैलोकोनिया, डीपीओ, लिल्ली, यारबेरी, गुलाब, गेंदा, मैरीगोल्ड, आदि को भी शामिल किया गया है। फूलों की सजावट को बढ़ाने के लिए कई तरह की पत्तियों को भी शामिल किया गया है।

Posted By: Jagran