Move to Jagran APP

अस्पताल व लैब में फर्जी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट बना लाखों की लूट, अब ED भी करेगा मामले की जांच

अमृतसर में ईएमसी अस्पताल व तुली प्राइवेट लैब में कोरोना रिपोर्ट के नाम पर खुला खेल चल रहा था। नेगेटिव लोगों को पॉजीटिव बता लाखों लूटे जा रहे थे। मामले की जांच अब ईडी भी करेगी।

By Kamlesh BhattEdited By: Published: Tue, 30 Jun 2020 10:57 AM (IST)Updated: Tue, 30 Jun 2020 11:01 AM (IST)
अस्पताल व लैब में फर्जी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट बना लाखों की लूट, अब ED भी करेगा मामले की जांच

जेएनएन, अमृतसर। यहां के ईएमसी अस्पताल व तुली प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस टेस्ट के नाम पर खुला खेल चल रहा था। अस्पताल में मरीजोंं को कोरोना पॉजीटिव बताकर उनसे इलाज के नाम पर लाखों लूटे जा रहे थे। मामला खुला तो विजिलेंस जांच शुरू हुुुुई। अब प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार कर लोगों से लाखों रुपये ठगने के मामले की जांच अब विजिलेंस ब्यूरो के साथ-साथ ईडी (इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट) भी करेगा। रिपोर्ट आने के बाद लोगों को ईएमसी अस्पताल में दाखिल कर इलाज किया जाता था। तुली प्राइवेट लैब को लोगों द्वारा किए गए प्रत्येक भुगतान और आरोपित डॉक्टरों का खाका खंगालने में ईडी की टीम जुटी है।

बताया जा रहा है कि ईडी द्वारा गत दिवस तुली लैब और ईएमसी अस्पताल के बैंक खातों की जानकारी मांगी गई है। फिलहाल इस बाबत ईडी के अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैैं। मामला वित्तीय लेनदेन से जुड़ा भी हो सकता है। दूसरी तरफ ईएमसी अस्पताल के मालिक और चेयरमैन पवन अरोड़ा व डॉ. पंकज सोनी ने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। विजिलेंस के एसएसपी परमपाल सिंह ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से मिले दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। सारे मामले की जल्द जांच पूरी करके चार्जशीट कोर्ट में दायर कर दी जाएगी। उधर, पता चला है कि सोमवार को कुछ और लोग भी ठगी के दस्तावेज लेकर विजिलेंस कार्यालय पहुंचे हैं।

यह है मामला

विजिलेंस जांच में सामने आया था कि तुली प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार की जाती थी। फिर मरीजों को ईएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया जाता था। अस्पताल प्रबंधन कोरोना के इलाज के नाम पर लाखों रुपये का पैकेज दिखाकर मोटी रकम वसूलतेे थे।

एनआरआइ रहते थे निशाने पर

निगेटिव लोगों को कोरोना पॉजिटिव बताकर लाखों रुपये ठगने वाले इन आरोपितों की ठगी का शिकार हुए एक एनआआइ सामने आया था। चौक मेहता निवासी एनआरआइ ने बताया कि 26 मई को वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ इंग्लैंड से अमृतसर लौटे। एक निजी होटल में खुद को क्वारंटाइन किया। कोविड-19 टेस्ट तुली लैब से करवाया। उनको और बेटे को पॉजिटिव बताया गया। 31 मई को ईएमसी अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। कई बार कहने पर भी उनका दोबारा कोविड-19 टेस्ट नहीं करवाया गया। किसी तरह एक और निजी लैब से टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आई। पूरी तरह पुष्टि के लिए किसी तरह से मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब में टेस्ट करवाया, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे साफ था कि तुली लैब व ईएमसी अस्पताल के बीच कुछ न कुछ गठजोड़ चल रहा था। उन्हें तीन लाख रुपये का बिल सौंप दिया गया।


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.