जागरण संवाददाता. अमृतसर

सुल्तानविड थानातर्गत पड़ते गांव सुल्तानविड गांव के रहने वाले सुच्चा सिंह ने पुलिस प्रताड़ना से उनके बेटे सरवन सिंह (35) की मौत होने का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि शनिवार को दो पुलिस कर्मी उनके बेटे को मोबाइल चोरी के एक मामले में संदिग्ध बताकर साथ ले गए थे। सारी रात सरवन घर नहीं आया और रविवार की सुबह उसका शव पत्ती मंसूर के सुनसान रास्ते से मिला।

थाना प्रभारी परनीत सिंह ढिल्लों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीसीपी जगमोहन सिंह ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी।

सुच्चा सिंह ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। परिवार में सरवन सिंह अपने भाई व बहन से छोटा था। सरवन भी दिहाड़ी लगाता था। उनके घर के पास रहने वाली सोनिया नाम की महिला ने सुल्तानविड थाने में मोबाइल चोरी की शिकायत दी थी। महिला को संदेह था कि मोबाइल सरवन सिंह ने चोरी किया है। उसी आधार पर सुल्तानविड थाने के दो पुलिस कर्मी सरवन से पूछताछ करने की बात कहकर उसे थाने ले गए। वह रात को खुद भी थाने गए थे। पुलिस कर्मियों ने बताया कि कुछ देर बाद सरवन को छोड़ देंगे। लेकिन सारी रात उनका बेटा घर नहीं आया। जब वह रविवार की सुबह थाने पहुंचे तो वहां मुलाजिमों ने उन्हें बताया कि सरवन सिंह को देर रात पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।

सारा परिवार परेशान था कि सरवन कहां चला गया। सुच्चा सिंह ने बताया कि वह परिवार और करीबियों के साथ मिलकर उसकी तलाश करने लगे। इतने में उन्हें पता चला सरवन सिंह का शव पत्ती मंसूर के रास्ते में पड़ा मिला है।

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