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जागरण संवाददाता, अमृतसर : बी डिवीजन थानांतर्गत पड़ती बाबा दीप ¨सह कालोनी इलाके में 23 जनवरी की शाम आग लगने से मरी पूनम उर्फ सोनम और उसके सात माह के बच्चे के मामले में परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला के गुरबख्शगंज थानांतर्गत पड़ते मेहरम मउ गांव निवासी बीटाना ने पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। बिटाना ने बताया कि उन्होंने अपनी पोती पूनम को पाला है। पूनम के माता-पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। फिलहाल पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उधर, एडीसीपी जगजीत ¨सह वालिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। फिर भी पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।

बीटाना ने आरोप लगाया कि दामाद महेश का अकसर पत्नी के साथ विवाद चलता रहता था। कुछ समय पहले महेश ने मारपीट कर पूनम को घर से निकाल दिया था। परिवार के सदस्यों और पंचायत ने बैठकर दोनों में समझौता करवाया था। 15 दिन पहले महेश पत्नी और बच्चे को लेकर गांव से यहां अमृतसर लौटा था। दोनों के संबंधों में खट्टास को वह स्पष्ट भांप रही थी। इसके बावजूद पोती को महेश के साथ भेज बैठी। 23 जनवरी को उन्हें फोन के माध्यम से जानकारी दी गई कि पूनम और उसके बच्चे की जलने से मौत हो गई है। उधर, महेश और उसके परिवार ने उक्त आरोपों को सिरे से नकारा है। उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी को बाबा दीप ¨सह कॉलोनी निवासी महेश अपनी पत्नी और बच्चे को घर में छोड़कर गुरु बाजार में अपनी दुकान पर चला गया था। पति के घर से जाते ही पूनम बच्चे के लिए दूध गर्म करने लगी तो चूल्हे से आग भड़क कर पूनम के कपड़ों तक जा पहुंची। पूनम ने मासूम को गोद में उठा रखा था। पूनम ने सिंथेटिक की साड़ी पहन रखी थी और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूनम और बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया था।

Posted By: Jagran

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