जेएनएन, अमृतसर। बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा गुरुनगरी के लोगों से निराश हैं और उन्‍हें शहर के लोगों से भारी शिकायत है। वह अमृतसर में प्रदूषण से निराश हैं। दीया मिर्जा संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण सद्भावना राजदूत हैं। वह गुरुनगरी पहुंची तो यहां प्रदूषण देखकर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि कि शहर के लोगों को धार्मिक व एतिहासिक शहर को न केवल स्वच्छ और साफ-सुथरा रखना चाहिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

वह शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने आई थीं। दीया ने कहा कि गुरुनगरी के लोग खुद भी शहर को साफ-सुथरा रखें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि पानी को किन-किन प्रक्रिया के बाद पीने के योग्य बनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि खुद के लिए एक नियम बनाया है कि वह बोतल बंद पानी का इस्तेमाल नहीं करेंगी। जब भी वह पीने का पानी का इस्तेमाल करती हैं, गिलास में ही पानी पीती हैं। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को प्लास्टिक के लिफाफे, डिस्पोजल बोतलें और अन्य सामाग्री का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि डिस्पोजेबल वस्तुओं का इस्तेमाल कम कर दिया जाए तो समाज की भलाई के लिए यह बड़ा काम होगा।

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उन्होंने कहा कि गुरुनगरी में हर रोज देश-विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं, इसलिए शहर की साफ-सफाई और पर्यावरण ऐसा होना चाहिए कि वे यहां से शुद्ध पर्यावरण का संदेश लेकर जाएं। फिल्म पद्यावति विवाद पर मिर्जा ने कहा कि समाज में और भी कई मुद्दे हैं, जिन पर गौर करने की जरूरत है।

बता दें कि अभिनेत्री दीया मिर्जा को संयुक्त राष्ट्र की ओर से भारत के लिए पर्यावरण सदभावना का राजदूत नियुक्त किया गया है। 35 वर्षीय मिर्जा को पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता प्रदान की है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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