जागरण संवाददाता, अमृतसर : डीएवी कॉलेज में जिले की विभिन्न कॉलेजों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें 22 नवंबर को चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी में होने वाली रोष रैली में शामिल होने के लिए अध्यापकों को लामबंद किया गया।

पंजाब एंड चंडीगढ़ कॉलेज टीचर यूनियन (पीसीसीटीयू) के जिला प्रधान डॉ. बीबी यादव ने बताया रोष रैली की मुख्य वजह पंजाब सरकार का अड़ियल रवैया है। इसके खिलाफ राज्य भर के कॉलेज अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है। क्योंकि देश के लगभग सभी राज्यों में कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में अध्यापकों को सातवां पे-कमीशन लागू कर दिया गया है। इसके बावजूद पंजाब सरकार इसे लागू करने में टालमटोल कर रही है। इस मौके पर बीबीके डीएवी कॉलेज से डॉ. सीमा जेटली, डॉ. शैली जग्गी, हिदू कॉलेज से प्रोफेसर राकेश जोशी, संजीव खन्ना, खालसा कॉलेज से प्रो. रणधीर सिंह, प्रो. नरिद्रजीत सिंह, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) से प्रधान डॉ देवेंद्र सिंह, डॉक्टर एनपीएस सैनी, लखविदर सिंह आदि मौजूद थे।

रैली में राज्य भर से पहुंचेंगे अध्यापक : सेखों

डीएवी कॉलेज के प्रधान डॉ. गुरदास सिंह सेखों ने बताया कि रैली में राज्य के समूह कॉलेजों के अध्यापक और पंजाब की सभी यूनिवर्सिटियों के अध्यापक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। रोष रैली की अध्यक्षता पंजाब फैडरेशन यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर आर्गनाइजेशन (पीएफयूसीटीओ) करेगी, जिसे सफल बनाने के लिए मुकम्मल इंतजाम कर लिए गए हैं। 22 नवंबर को सभी कालेजों के अध्यापक सामूहिक छुट्टी पर रहेंगे, जिससे होने वाले नुक्सान के लिए पंजाब सरकार ही जिम्मेदार होगी।

Posted By: Jagran

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