जागरण संवाददाता, अमृतसर: डीएवी कालेज में 'आपणे विरसे नूं जानीये' प्रतियोगिता के तहत वीरवार को प्रिसिपल डा. राजेश कुमार की अध्यक्षता में पंजाबी विभाग के प्रमुख डा. प्रवीण कुमार ठाकुर के सहयोग से वेबिनार करवाया गया। प्रि. डा. राजेश कुमार ने कहा कि संस्कृति में इतिहास गवाह है कि पंजाब की धरती पर रहने वाले वही लोग थे, जो युद्ध या मौत से नहीं डरते थे बल्कि परिस्थितियों के अनुसार जीवन के लिए लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।पंजाबी हमेशा से दिलेर और अग्रणी रहे हैं और वे ठहराव में विश्वास नहीं करते हैं। उन्हें कुछ न कुछ करने की ही आदत होती है।सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को उनकी संस्कृति से जोड़ती हैं। इसी क्रम में फुलकारी पैटर्न, लोक नृत्य, लोक खेल, विवाह दृश्य आदि की पोस्टर प्रतियोगिता में कालेज के नब्बे से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया है। प्रतियोगिताओं में प्रो. मीनू अग्रवाल, प्रो. रितु अरोड़ा, प्रो. निहिता शर्मा ने निर्णायकों की भूमिका निभाई, जिसमें तरनजीत कौर (बीसीए) ने पहला, काजल सैनी (बीएससी-मेडिकल) ने दूसरा व लवप्रीत कौर (बीएससी-नान-मेडिकल) ने तीसरा स्थान हासिल किया है। प्लस वन की मानसी व प्रवीण कौर को विशेष पुरस्कारों से नवाजा गया है।इस मौके पर प्रो. गुरजीत सिंह सिद्धू, प्रो. परमजीत सिंह रंधावा, प्रो. मलकीत सिंह, प्रो. कमलजीत कौर राणा, प्रो. मेजर सिंह, प्रो. अरविदर कौर, प्रो. पूनम कुमारी आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran