जागरण संवाददाता, अमृतसर : स्वास्थ्य विभाग ने जलियांवाला बाग मेमोरियल सिविल अस्पताल में आईडीएसपी (इंटेग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम) लैब स्थापित की गई है। इस लैब में डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल टेस्ट किए जाएंगे। इससे पहले इन बीमारियों की जांच के लिए मरीजों का सैंपल सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा जाता था। मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन तक समय लगता था। ऐसे में मरीज का उपचार शुरू करने में भी देरी होती थी।

स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के प्रवेश द्वारा के निकट दो कमरों पर आधारित एक इमारत में इस लैब को स्थापित किया है। इस प्रोजेक्ट का चेयरमैन सिविल सर्जन डॉ. न¨रदर कौर होंगी, जबकि कनवीनर के रूप में डिप्टी मेडिकल कमिश्नर प्रभदीप कौर जौहल को शामिल किया गया है। इसके अलावा जिला पांच सदस्यों पर आधारित कमेटी बनाई गई है, जिसमें मलेरिया अधिकारी डॉ. मदन मोहन, सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ. चरणजीत ¨सह, डॉ. सर्बदीपक ¨सह रियाड़ व दीपक राय को शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस लैब में बायो सेफ्टी कैबिनेट, एलाइजा रीडर व अन्य टे¨स्टग उपकरण भेजे गए हैं। साथ ही इन सभी टेस्टों की किट्स भी पहुंच गई हैं।

सिविल सर्जन डॉ. न¨रदर कौर ने बताया कि आईडीएसपी लैब में सभी टेस्ट निशुल्क होंगे।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मदन मोहन ने कहा कि सिविल अस्पताल में मलेरिया, चिकनगुनिया व स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजे जाते थे। टेस्ट रिपोर्ट आने में कुछ समय लगता था, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में ही लैब की व्यवस्था कर दी है। मरीज की रिपोर्ट आने के तत्काल बाद ही ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाएगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर के बाद अब अमृतसर में यह दूसरी लैब है, जहां उपरोक्त बीमारियों के टेस्ट किए जा सकेंगे।

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