अमृतसर में बिना रजिस्ट्रेशन विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले मकान मालिक पर केस, 3 थाई नागरिक किए गए डिपोर्ट
अमृतसर में पुलिस और एफआरआरओ ने प्रताप नगर में बिना पंजीकरण के विदेशी नागरिकों को ठहराने के मामले में कार्रवाई की।

प्रताप नगर स्थित इमारत में रह रहे थे पांच विदेशी नागरिक, जांच में तीन के वीजा की अवधि समाप्त मिली। फाइल फोटो
HighLights
अमृतसर में बिना पंजीकरण विदेशी नागरिकों को ठहराने पर कार्रवाई।
तीन थाई नागरिकों के वीजा समाप्त होने पर वापस भेजा गया।
संपत्ति मालिक पर इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। प्रताप बाजार ने बिना पंजीकरण के विदेशी नागरिकों को ठहराया गया। कमिश्नरेट पुलिस और फारेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन कार्यालय (एफआरआरओ) की संयुक्त टीम ने प्रताप नगर जीटी रोड स्थित एक रिहायशी इमारत की जांच के दौरान पांच विदेशी नागरिकों को रहते हुए पाया।
दस्तावेजों की जांच में इनमें से तीन थाई नागरिकों के वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रहने का खुलासा हुआ। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को थाईलैंड वापस भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाली उक्त इमारत फार्म-3 पोर्टल पर पंजीकृत नहीं थी। इसके अलावा विदेशी मेहमानों के आगमन और ठहरने संबंधी जरूरी जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए पुलिस ने रिहायश मुहैया करवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस मामले में थाना बी डिवीजन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इमिग्रेशन एंड फारेनर्स एक्ट 2025 की धारा 23 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कमिश्नरेट पुलिस और एफआरआरओ ने होटल संचालकों, गेस्ट हाउस, पीजी, होमस्टे और निजी संपत्ति मालिकों को निर्देश दिए हैं कि विदेशी नागरिकों को ठहराने से पहले फार्म-3 पोर्टल पर पंजीकरण और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विदेशी नागरिकों के ठहरने संबंधी नियमों का पालन राष्ट्रीय सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था के लिहाज से भी जरूरी है।