विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

BSF की मेहनत से परिवार में लौटी खुशियां, लापता युवक छह माह बाद अपनों से मिला; ओडिशा से भटक कर पहुंचा था पंजाब

Published: Mon, 29 Jun 2026 12:58 PM (IST)

सीमा सुरक्षा बल ने छह माह से परिवार से बिछड़े ओडिशा के मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को खोजकर उसके ...और पढ़ें

युवक को परिवार से मिलाते हुए बीएसएफ के अधिकारी।

युवक को परिवार से मिलाते हुए बीएसएफ के अधिकारी।

HighLights

  1. BSF ने ओडिशा के लापता युवक को परिवार से मिलाया।

  2. मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक छह माह पहले अमृतसर में भटका।

  3. BSF ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए परिवार को खुशियां लौटाईं।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए छह महीने से अपने परिवार से बिछड़े ओडिशा के एक युवक को खोजकर उसके परिजनों से मिलाया। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे युवक बिकाश देहुरी को सुरक्षित उसके पिता और भाई के सुपुर्द किया गया। युवक को लेने के लिए उसके परिजन ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। लंबे समय बाद बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं।

सीमा सुरक्षा बल की 100वीं बटालियन के अनुसार बिकाश देहुरी करीब छह महीने पहले अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह रेलवे स्टेशन से भटक गया। इसके बाद कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए और वह अमृतसर के गांव मुल्लाकोट में रहने लगा। परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह लंबे समय से उसकी तलाश कर रहा था।

यह भी पढ़ें- अकाल तख्त का पंजाब सरकार को एक माह का अल्टीमेटम, बेअदबी कानून में संशोधन नहीं हुआ तो होगा सख्त कार्रवाई

BSF ने परिवार से साधा संपर्क

मामले की जानकारी सीमा सुरक्षा बल की मुल्लाकोट चौकी को मिली तो जवानों ने इसे गंभीरता से लिया। युवक की पहचान स्थापित करने और उसके परिवार का पता लगाने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए गए। जांच के दौरान सीमा सुरक्षा बल की टीम गांव मुल्लाकोट में एक ग्रामीण के घर पहुंची, जहां युवक सुरक्षित मिला।

पहचान की पुष्टि होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने उसके परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर युवक के पिता और भाई ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने युवक को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। 

यह भी पढ़ें- आईएएस हरप्रीत सिंह सूदन बने चंडीगढ़ के नए सचिव, तीन साल के लिए मिली जिम्मेदारी

BSF 100वीं बटालियन की मेहनत रंग लाई

यह पूरा अभियान 100वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार तिवारी के निर्देशन में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट अमित पांडेय ने किया। उनके साथ दो अधीनस्थ अधिकारी, नौ जवान और यूनिट निरीक्षक (जी) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर युवक की पहचान, परिवार से संपर्क और सुरक्षित सुपुर्दगी की प्रक्रिया को सफल बनाया।

सीमा सुरक्षा बल के निरीक्षक कुलवंत सांगरा ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। रेलवे स्टेशन से भटकने के बाद वह मुल्लाकोट क्षेत्र में पहुंच गया था। जैसे ही इसकी सूचना चौकी को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। काफी प्रयासों के बाद युवक की पहचान स्थापित की गई और उसके परिवार तक सूचना पहुंचाई गई।

जरूरतमंदों की सहायता करना भी कर्तव्य

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी पूरी संवेदनशीलता के साथ करता है। इस अभियान ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई पहल किसी परिवार की बिछड़ी खुशियां वापस लौटा सकती है। छह महीने बाद बेटे को सुरक्षित पाकर परिवार ने सीमा सुरक्षा बल का आभार जताया और इस मानवीय प्रयास की सराहना की।

यह भी पढ़ें- जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, डिवाइडर लांघ दूसरी कार से टकराई गाड़ी; 4 की मौत, पांच घायल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।