जासं, अमृतसर: वेतन को लेकर 37 दिनों से हड़ताल पर बैठे बीआरटीएस कर्मचारी आखिर कार काम पर लौट आए और सभी रूट पर फिर से बसें चलनी शुरू हो गई। इससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है।

बसें नहीं चलने से लोगों को लगातार आटो या ई-रिक्शा में अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा था। बीआरटीएस कर्मचारियों एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी तक कर्मचारियों की वेतन की मांग हल नहीं हुई है। उन्हें यही विश्वास दिलवाया गया है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण सरकार की ओर से अभी कोई भी न तो घोषणा की जा सकती है और न ही उनकी कोई मांग पूरी हो सकती है। दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि पंजाब मेट्रो बस सोसायटी और बसों का संचालन करने वाली कंपनी ने उनकी मांग को मानने से पूरी तरह से इंकार कर दिया था। कंपनी ने क्लियर किया था कि वह सीटीसी अदा करेगी। जबकि कर्मचारी मांग कर रहे थे कि उन्हें कम से कम 15 हजार रुपये नकद दिए जाएं। इसके बाद बाकी के पैसे पीएफ व अन्य सुविधाओं के लिए डाल जाएं। लेकिन इस मांग को कंपनी ने मानने से इंकार कर दिया था। ऐसे में कंपनी की ओर से बहुत सारे कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के भी नोटिस भेजने शुरु कर दिए थे। जिस कारण कर्मचारियों के अपने ही अंदर विद्रोह पैदा हो रहा था और आखिरकार सभी कर्मचारियों ने 15800 रुपये वेतन पर लौटने का फैसला किया। जिसके बाद बसें चलाई गई। 84 बसें चलाई गई अलग-अलग रूटों पर

बीआरटीएस प्रोजेक्ट के अधीन कुल 93 बसें है। इनमें से 84 बसें अलग-अलग रूटों पर चलाई गई जबकि बाकी की नौ बसों को बैकअप के लिए रखा गया है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं।

Edited By: Jagran