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80 रुपये लीटर दूध, तो 250 रुपये किलों कैसे मिल रहा पनीर? भिखीविंड में सस्ते पनीर का काला खेल

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:56 PM (IST)

त्योहारी सीजन में दूध की बढ़ती कीमतों के बावजूद भिखीविंड में पनीर सस्ते दाम पर बिक रहा है, जिससे मिलावट ...और पढ़ें

1 किलो पनीर बनाने में लगता है 5 लीटर दूध।

1 किलो पनीर बनाने में लगता है 5 लीटर दूध।


HighLights

  1. त्योहारी सीजन में भिखीविंड में सस्ता पनीर बिक रहा है

  2. दूध की ऊंची कीमतों के बावजूद पनीर सस्ता मिलना चिंताजनक

  3. स्वास्थ्य विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चला रहा है

संवाद सूत्र, भिखीविंड। त्योहारी सीजन में विवाह-शादियां व अन्य समारोह में तरह-तरह के व्यंजन पेश किए जाते हैं। जिसके चलते दूध, दहीं, पनीर व घी की डिमांड बढ़ चुकी है। क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सैंपल भरती है, लेकिन इसके बावजूद मिलावटी पनीर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।

80 से 130 रुपए प्रति किलो सस्ता पनीर उपभोक्ताओं के मन में सवाल खड़े कर रहा है।

कैसे मिल रहा है सस्ता पनीर?

शहर में अधिकांश दुकानों पर पनीर 360 से 380 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि कुछ दुकानदार 300 रुपए प्रति किलो और थोक खरीद पर 250 से 280 रुपए प्रति किलो तक बेच रहे हैं।

दैनिर जागरण की टीम ने भिखीविंड का जायजा लिया तो कुछ दुकानदार 300 रुपए प्रति किलो पनीर बेच रहे हैं। यह दुकानदार 5 से 10 किलो पनीर की खरीद को लेकर 250 से 280 रुपए वसूलते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि वह बल्क में दूध खरीदकर स्वयं पनीर तैयार करता है।

सस्ता पनीर हो सकता है हानिकारक

हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि यदि बाजार में पनीर का सामान्य भाव अधिक है, तो इतनी कम कीमत में कैसे संभव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सस्ते दाम में बिक रहा पनीर स्वास्थ्य लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

दूध कारोबारी सुखदेव सिंह सुख खालड़ा व मेजर सिंह अमीशाह का कहना है कि दूध 70 से 80 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। एक किलो पनीर बनने में करीब 5 लीटर दूध लगता है, जिससे दूध की लागत 350 से 400 रुपए तक आती है।

यदि कोई पनीर 300 रुपए या उससे कम में बिक रहा है, तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मिलावटखोरी खिलाफ अभियान जारी

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा सुखबीर कौर औलख का कहना है कि इस वर्ष अप्रैल से अगस्त तक खाने पीने की वस्तुओं के 107 सैंपल लिए गए, जिनमें से 30 सैंपल फेल पाए गए। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों केे खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को भी चाहिए कि मिलावट करने वालों खिलाफ सूचना दी जाए। उनका नाम गुप्त रखा जाएगा।

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