जागरण टीम, (रतिया) फतेहाबाद, अमृतसर: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने शुक्रवार को गांव भूंदड़ा में गुरुद्वारे का निरीक्षण किया। उन्होंने गुरुद्वारे के निर्माण के लिए गुरुद्वारा कमेटी को एक लाख रुपये व गुरुद्वारे के गुबंद के नीचे दबकर मरने वाले मिस्त्री के परिवार को 50 हजार रुपये की राशि सौंपी। इसके बाद उन्होंने रतिया नए बस स्टैंड के साथ पालिका बाजार में ग्लोबल एकेडमी में मीडिया को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हरियाणा के गुरुद्वारों के साथ भेदभाव कर रही है। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। हरियाणा के गुरुद्वारों की कमान हरियाणा में ही रहे, इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा रखी है और इस पर सुनवाई 22 जुलाई को होनी है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के गुरुद्वारों का सालाना टर्नओवर 150 करोड़ है और यह पैसा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को जाता है, लेकिन जब हरियाणा के गुरुद्वारों की मरम्मत आदि की बात आती है तो उनसे भेदभाव किया जाता है। इसका एक उदाहरण गांव भूंदड़ा का गुरुद्वारा है, जहां एसजीपीसी ने मात्र दो लाख रुपये दिए। जबकि संगरूर के एक गुरुघर में आग लगी तो वहां पर दस लाख रुपये दिए गए। उन्होंने बताया कि उनकी कमेटी हरियाणा में धर्म प्रचार के साथ-साथ सामाजिक कार्य में लगी हुई है जिसके तहत जल्द ही प्रदेश के पांच गुरुद्वारों रतिया, थड़ा साहब यमुनानगर, दादुवाल, असंध व चीका में लैब खोली जाएंगी। इन लैबों में दो हजार रुपये का टेस्ट मात्र 50 रुपये तथा 500 रुपये का टेस्ट मात्र दस रुपये में होगा। यहीं पर सिलाई सेंटर व कंप्यूटर सेंटर खोल जाएंगे। यहां लड़कियों को मुफ्त सिलाई कढ़ाई व कंप्यूटर ज्ञान दिया जाएगा। उन्होंने किसान आंदोलन और मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के सवाल पर बताया कि वह किसानों की कमेटी से मिलकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। कहा था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल केंद्र सरकार और किसानों के बीच वार्ताकार की भूमिका निभाकर इस आंदोलन का हाल निकलवाएं। इस अवसर पर हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष स्वर्ण सिंह, गुरचरण सिंह चिम्मो, गुरजीत ओलख, मनजोत कौर, कश्मीर सिंह, जसमीत सिंह उपस्थित थे। बीबी जगीर कौर ने कहा, दादूवाल गलत बायनबाजी कर रहे

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने कहा कि बाबा बलजीत सिंह दादूवाल गलत बयानबाजी कर रहे हैं। एसजीपीसी किसी भी तरह दादूवाल को अपने कार्यो के प्रति जवाबदेह नहीं है। एसजीपीसी के हाउस व कार्यकारिणी की ओर से हरियाणा के गुरुद्वारों की सेवा संभाल, रेनोवेशन आदि के संबंध में जो भी आवश्यक बजट होता है, उसे खर्च किया जाता है।

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