जागरण संवाददाता, छेहरटा (अमृतसर)

नारायणगढ़ चौक में रविवार की देर रात कुछ हथियारबंद लोगों ने एक परिवार के तीन सदस्यों पर तेजधार हथियारों से हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। घटना पैसों के लेनदेन को लेकर हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वारदात के डेढ़ घंटे बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने गुंडागर्दी देख घटना स्थल से ही कई पुलिस अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी। एएसआइ परवीन कुमार और सुखचरण सिंह मौका-ए-वारदात पर पहुंच गए। घायलों को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया।

डॉ. हेत राम कालोनी निवासी मलूक सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे बलकार सिंह और जगतार सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। कुछ समय पहले बलकार सिंह ने कुछ लोगों से पैसे लिए थे और कहा था कि वह कुछ समय बाद लौटा देगा। समय रहते भुगतान नहीं होने पर रविवार की रात कर्ज देने वाले लोगों ने उन्हें फोन पर धमकाया। कुछ देर बाद 15-20 हथियारबंद युवक नारायणगढ़ चौक के पास पहुंच गए। मलूक सिंह ने बताया कि बलकार सिंह ने अपना मोटरसाइकल भी वहीं लगा रखा था। हमलावरों ने उनके बेटे का मोटरसाइकिल और मोबाइल छीन लिया। बेटे को धमकाया कि पैसे देने के बाद वह मोबाइल और बाइक लौटा देंगे। इतने में आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दिया। इस बीच उनका छोटा बेटा जगतार सिंह भी वहां पहुंच गए। आरोपितों ने दोनों बेटों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।

दोनों बेटों ने जब हमलावरों को विरोध किया तो उन्होंने तेजधार हथियारों से दोनों पर प्रहार करने शुरू कर दिए। बेटों के झगड़े की जानकारी मिलते ही वह भी नारायणगढ़ चौक में पहुंच गए। जब उन्होंने झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों में से किसी ने उन्हें और उनके बेटों को बचाने का प्रयास नहीं किया। सभी लोग तमाशा देख रहे थे। मलूक सिंह ने बताया कि हमलावरों का जब गुस्सा ठंडा हो गया तो वह घटना स्थल से फरार हो गए। उधर, डीसीपी जगमोहन सिंह ने बताया कि गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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